पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। उनकी सेहत को लेकर उनकी बहन उज्मा खान ने गहरी चिंता जताई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनकी बहन काफी भावुक हो गई और रोने लगी। उन्होंने दावा किया कि जेल में लंबे समय से अकेले रहने की वजह से इमरान की स्थिति खराब हो गई है। परिवार का आरोप है कि इमरान खान के स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जानकारी भी नहीं दी जा रही थी। हालांकि, पाक सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए कुछ घंटों के लिए निजी अस्पताल इलाज के लिए भेजा, इलाज के बाद उन्हें फिर से जेल जाना पड़ा है।
आंख और BP की जांच, ब्लड टेस्ट नहीं कराया

इमरान खान की बहन उज़मा खान के अनुसार, इमरान खान को आंखो और ब्लड प्रेशर की जांच के लिए पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया था।हालांकि, उनका ब्लड टेस्ट नहीं कराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को यह तक नहीं बताया गया कि इमरान की जांच किस डॉक्टर ने की थी। उज्मा ने मीडिया के सामने यह दावा किया कि इमरान की एक आंख पर काली पट्टी बंधी हुई थी। उन्होंने आगे बताया कि PIMS में उन्हें चोरी छिपे ले जाया गया, इतना ही नहीं उन्हें मोबाइल फोन की रोशनी में अस्पताल ले जाया गया। उज्मा ने आगे आरोप लगाया कि उन्होंने अपने भाई से धीरे-धीरे चलने के लिए बोली क्योंकि उनके आँख पर पट्टी बंधी हुई थी।
फैमिली डॉक्टर भी नहीं कर पाए मुलाकात
उनकी बहन उज्मा के मुताबिक, इमरान खान ने जेल में अमानवीय व्यवहार की शिकायत की है। उनका कहना है कि उन्हें अदियाला जेल में अकेले रखा गया है और उन्हें न तो टेलीविन दिया गया है और न ही पढ़ने के लिए कोई किताब। इमरान की बहन ने दावा किया कि इमरान ने अपना मैसेज जनता तक पहुंचाने के लिए कहा है। वहीं, उनके फैमिली डॉक्टर, डॉ. फैसल ने भी बताया कि वे उनसे मिल नहीं पाए; डॉक्टर के अनुसार, वे रात करीब 8 बजे शिफ़ा इंटरनेशनल हॉस्पिटल पहुंचे थे, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद चले गए। इमरान की बहनों ने मांग की है कि इमरान खान की सेहत के बारे में जानकारी दी जाए और उन्हें सही मेडिकल इलाज मिले।



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