मिडिल ईस्ट जंग लगातार भीषण होती जा रही है और अब युद्ध में सऊदी अरब भी कूद गया है। अमेरिका के साथ मिलकर सऊदी ने इराक में बमबारी की है। बता दें कि यह हमला ईरान समर्थित मिलिशिया को निशाना बनाने के लिए किया गया है। साथ ही दावा किया कि यहीं से सऊदी अरब में अमेरिकी सेना और ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने का निर्देश दिया गया था। इस हमले में PMF के 10 लड़ाकों की मौत हो गई है।
क्यों किया इराक पर हमला?
दोनों देशों ने मिलकर इराक में हवाई हमला कर दिया है। बता दें कि इस हमले से पहले इराक में ईरान से जुड़े मिलिशिया ने सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों और अमेरिका सेना पर 30 से अधिक ड्रोन अटैक किए थे। इस हमले के जवाब में अमेरिका और सऊदी ने मिलकर हमला कर दिया है और लड़ाकू विमानों ने कई आतंकवादी और हथियार ठिकानों को निशाना बनाया। जिससे यह जंग अधिक भीषण हो गई है।
This looks real.
U.S. and Saudi joint strikes hit Iran backed militia sites in Iraq yesterday. CENTCOM confirmed it. The secondary explosions in this video match reports of an ammo depot cooking off in Basra.
First public joint U.S. – Saudi kinetic action against the proxies.…
— Louis Montoya (@montoyalouis1) July 29, 2026
10 लड़ाकों की मौत
इराक में हुए हमले के बाद पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स PMF ने बयान देते हुए कहा कि हवाई हमले में 10 लड़ाकों की मौत हो गई है और यह आकंड़ा बढ़ने का अनुमान है साथ ही कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। बता दें कि इस हमले में सबसे ज्यादा निनेवेह प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है
जॉर्डन में मिसाइल अटैक
सऊदी और अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल अटैक किया है औऱ इस हमले मे जॉर्डन ने बताया की ईरान की सभी मिसाइलों को हवा में मार गिराया है। वहीं ईरान की IRGC ने होर्मुज मे तीन तेल के टैंकरो पर हमला कर दिया है।



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