Bihar Police Dress Code: बिहार में पुलिस विभाग को लेकर एक निर्देश जारी किया गया है, जिसको लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस महकमे को सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि ड्यूटी के दौरान वर्दी के साथ माथे पर तिलक या चंदन का टीका जैसे किसी भी तरह के धार्मिक चिन्ह को लगाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने इसे लिस मैनुअल के खिलाफ बताया और साफ़ किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ड्यूटी के दौरान टोपी और बेल्ट पहनना अनिवार्य
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करना चाहिए। नए निर्देशों के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान पुलिस को टोपी और बेल्ट पहनना अनिवार्य है। बिना टोपी और बेल्ट के ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान व्यक्तिगत या धार्मिक पहचान को दिखाना भी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा। इसके साथ ही उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। महिला पुलिसकर्मियों के ड्यूटी के दौरान ज्यादा मेकअप करने पर रोक लगाई है। इन निर्देशों का उद्देश्य है कि व्यक्तिगत पहचान के बजाय सरकारी पहचान प्रमुखता से दिखेगी।
बिहार के DGP विनय कुमार का बड़ा बयान ,
” आप वर्दी पहनकर टीका , चंदन नहीं लगा सकते है , आप वर्दी पहन कर सज संवर नहीं सकते ” ,
4 दिन पहले लेंसकार्ट ने ऐसी ही पॉलिसी इस्तेमाल की थी लेकिन बजरंग के कार्यकर्ताओ ने पूरे भारत में बवाल मचाते हुए ज़बरदस्ती टीका लगाया , हाथ में कलावा… pic.twitter.com/JTAj7FHd81
— Nargis Bano (@Nargis_Bano78) April 25, 2026
रील बनाने पर भी रोक
अब कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी पहनकर वीडियो या रील सोशल मीडिया पर नहीं बना पाएंगे। पुलिस का कहना है कि वर्दी में की जाने वाली ऐसी गतिविधियां विभाग की छवि और गोपनीयता के लिए खतरा पैदा करती हैं। अगर कोई पुलिसकर्मी नियम तोड़ता है, तो उसपर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मामले में सियासत तेज
पुलिस वर्दी में चंदन-तिलक लगाने के प्रतिबंध को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी बहस छिड़ गई है। बिहार में नई सरकार बनने के बाद यह मुद्दा और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। भाजपा के नेता इस फैसला को पुलिस मैनुअल से जुड़ा और प्रशासनिक नियमों का हिस्सा बताते हुए इससे दुरी बना रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी इसे राजनीतिक रंग देने से इनकार कर दिया। पार्टी के नेताओं का कहना है कि इसे किसी राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, यह एक प्रशासनिक निर्देश है।
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