प्रियदर्शन अपनी हॉरर-कॉमेडी फिल्मों के लिए खास पहचान रखते हैं। उनकी फिल्मों में कहानी के साथ कॉमेडी, सस्पेंस और थ्रिल का ऐसा कॉम्बीनेशन देखने को मिलता है, जो दर्शकों को फिल्म आखिर तक जोड़े रखता है। लेकिन इस बार निर्देशक ने सैफ अली खान और अक्षय कुमार के साथ कुछ बिल्कुल अलग करने की कोशिश की है। फिल्म का नाम है ‘हैवान’ और नाम के मुताबिक इसके किरदार भी काफी दिलचस्प और खतरनाक हैं। हालांकि, फिल्म में ‘एनिमल’ फिल्म के जैसा वायलेंस या खून-खराबा देखने को नहीं मिलता। हां एक्शन जरूर है, लेकिन प्रियदर्शन ने इसे काफी बैलेंस्ड और सधे हुए अंदाज में पेश किया है।
- Film: Haiwaan
- Duration: 2 Hours 44 Minutes
- Director: Priyadarshan
- Star Cast: Akshay Kumar, Saif Ali Khan, Boman Irani, Rajpal Yadav And Many More
- IMDb Ratings: 7/10
Haiwaan Movie Review: तीन किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है कहानी
‘हैवान’ असल में एक क्राइम थ्रिलर है, जिसमें मिस्ट्री और सस्पेंस लगातार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। अगर आप फिल्म देखने का मन बना रहे हैं, तो आइए जानते हैं कि इसकी कहानी और कलाकारों की परफॉर्मेंस कैसी है। फिल्म की कहानी खास तौर से तीन किरदारों—श्याम, नंदिनी और परशुराम के आसपास घूमती है। श्याम का किरदार सैफ अली खान ने निभाया है, जबकि परशुराम के रूप में अक्षय कुमार नजर आते हैं।
श्याम देख नहीं सकता, लेकिन इसके बावजूद वह मार्शल आर्ट्स और म्यूज़िक में बेहद माहिर है। उसकी खासियत यह है कि आंखों की रोशनी न होने के बावजूद वह आसपास की सिचुएशन और लोगों को बेहद बारीकी से समझ लेता है। वह एक समझदार और होशियार इंसान है, जिसके ऊपर अपने परिवार की जिम्मेदारियां भी हैं। दूसरी तरफ परशुराम है, जो फिल्म का असली ‘हैवान’ है। उसका निशाना नंदिनी है और वह किसी भी कीमत पर उसे खत्म करना चाहता है। वहीं श्याम कुछ भी कर के नंदिनी को बचाने की कोशिश करता है।
इस स्ट्रगल के बीच श्याम की पर्सनल लाइफ भी उलझती चली जाती है। उसके ऊपर बहन की शादी और कर्ज जैसी जिम्मेदारियां भी हैं और परशुराम उसकी जिंदगी में ऐसा तूफान खड़ा कर देता है कि उसका चैन तक छिन जाता है। इसके बाद कहानी के आगे बढ़ने के साथ कई सवाल खड़े होते हैं, क्योंकि परशुराम आखिर नंदिनी के पीछे क्यों पड़ा है?, श्याम उसे बचाने में क्यों जुटा है और आखिर इन तीनों के बीच क्या रिश्ता है? फिल्म धीरे-धीरे इन सभी सवालों के जवाब देती है।
सैफ अली खान ने बदली अपनी ‘इमेज’

सैफ अली खान और अक्षय कुमार की फिल्म ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ में अक्षय खिलाड़ी और सैफ एक डरपोक किरदार में नजर आए थे। लेकिन ‘हैवान’ में प्रियदर्शन ने इस इक्वेशन को पूरी तरह पलट दिया है। इस फिल्म में सैफ का किरदार किसी भी मुसीबत से पीछे हटने वाला नहीं है। आंखों की रोशनी न होने के बावजूद श्याम सिचुएशन का डटकर सामना करता है। सैफ ने एक अंधे इंसान के हावभाव, बॉडी लैंग्वेज और उसके स्ट्रगल को काफी अच्छे तरीके से पर्दे पर उतारा है। उनका किरदार सिर्फ एक्शन तक लिमीटेड नहीं है, वह म्यूज़िक से भी जुड़ा है और इसी के साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभाना स्टोरी को एक इमोशनल एंगल भी देता है।
सैफ का किरदार ऐसा है कि वो जरूरत पड़ने पर दुश्मनों से भिड़ने से भी पीछे नहीं हटता। सैफ ने इस चैलेंजिंग रोल को काफी सिंपलीसिटी के साथ निभाया है और उनकी परफॉर्मेंस फिल्म की बड़ी ताकत बनकर सामने आती है।
अक्षय कुमार बने खतरनाक ‘हैवान’

अक्षय कुमार ने परशुराम के किरदार में एक बार फिर साबित किया है कि वह नेगेटिव रोल में भी अच्छा इफेक्ट छोड़ रहे हैं। हालांकि, इस बार उनका अंदाज पहले देखे गए विलेन के किरदारों से काफी अलग है। परशुराम का किरदार जितना मिस्टीरियस है, उतना ही डरावना भी। अक्षय ने अपनी एक्टिंग, एक्सप्रेशन और स्क्रीन प्रेजेंस से किरदार में खौफ पैदा करने की कोशिश की है। फिल्म के कुछ सीन्स ऐसे हैं, जहां दर्शक उनके किरदार से नफरत करने लगते हैं। एक अच्छे विलेन की सबसे बड़ी खूबी यही होती है कि दर्शक उससे डरें और उसे पसंद न करें। अक्षय इस मामले में काफी हद तक सक्सेसफुल नजर आए हैं।
सपोर्टिंग कास्ट ने भी छोड़ी छाप

फिल्म में असरानी भी अहम रोल में नजर आ रहे हैं। ‘भूत बंगला’ के बाद उन्हें एक बार फिर स्क्रीन पर देखना उनके फैंस के लिए खास एक्सपीरिएंस है। उनकी कॉमिक टाइमिंग फिल्म में हल्कापन लाती है और कई जगह वह दर्शकों को एंटरटेन करने में सक्सेसफुल रहते हैं। राजपाल यादव और श्रिया पिलगांवकर भी फिल्म का हिस्सा हैं और दोनों ने अपने-अपने रोल के साथ बेहतरीन परफॉर्म करने की कोशिश की है।
प्रियदर्शन का डायरेक्शन कितना असरदार?

‘हैवान’ का निर्देशन फिल्म के मजबूत पार्ट्स में शामिल है। प्रियदर्शन ने इस बार अपनी ट्रेडिशनल हॉरर-कॉमेडी स्टाइल से हटकर क्राइम और सस्पेंस की दुनिया में कदम रखा है। फिल्म का स्क्रीनप्ले इस तरह तैयार किया गया है कि कहानी आगे बढ़ने के साथ मिस्ट्री भी गहरी होती जाती है। खासकर इस फिल्म में क्लाइमैक्स को काफी मजबूती के साथ पेश किया गया है। कई मौकों पर ऐसा लगता है कि फिल्म अब क्या मोड़ लेने वाली है, लेकिन कहानी दर्शकों को चौंकाने का काम करती है।
क्या आप देख सकते हैं ‘हैवान’

कुल मिलाकर ‘हैवान’ एक ऐसी क्राइम थ्रिलर है, जो सस्पेंस, एक्शन, इमोशन और एंटरटेमेंट को एक साथ पेश करने की कोशिश करती है। सैफ अली खान का अलग तरह का किरदार और अक्षय कुमार का खतरनाक अंदाज फिल्म को देखने की दो बड़ी वजहें हैं। कहानी कुछ जगह कमजोर जरूर पड़ती है, लेकिन शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक, सस्पेंस और क्लाइमैक्स दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखते हैं। अगर आप हल्के-फुल्के एक्शन के साथ सस्पेंस और थ्रिलर फिल्मों के शौकीन हैं, तो ‘हैवान’ को वन टाइम वॉच के तौर पर देखा जा सकता है, वरना अगर आप कुछ अलग एक्सपेक्टेशन इस फिल्म से अगर रख रहे हैं तो इसे मत देखिए। अगर रेटिंग की बात करें तो
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