Delhi EV Capital: राजधानी दिल्ली को देश की इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) राजधानी बनाने के संकल्प के साथ दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने ‘ड्राफ़्ट दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026’ पर व्यापक विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक ‘स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योग जगत के विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने नीति को भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए मंथन किया।
दिल्ली में लगभग 9,000 चार्जिंग पॉइंट
परिवहन मंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य दिल्ली को न केवल भारत की, बल्कि दुनिया की प्रमुख ईवी सिटी के रूप में स्थापित करना है। नई नीति लागू होने के बाद ईवी वाहनों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। वर्तमान में दिल्ली में लगभग 9,000 चार्जिंग पॉइंट हैं, जबकि 4,000 से 5,000 नए पॉइंट पर काम चल रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाकर 32,000 से 36,000 तक करने का है। इसके लिए रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की भागीदारी और रिहायशी इलाकों में चार्जिंग सुविधा बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई।
सोलर पॉलिसी और बैटरी रीसाइक्लिंग का संगम
इस ड्राफ्ट पॉलिसी की एक विशेषता इसे है ‘दिल्ली सोलर पॉलिसी’ के साथ जोड़ना है। इससे न केवल वाहनों को चलाने के लिए बिजली मिलेगी, बल्कि वह बिजली भी स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से आएगी। इसके अलावा, पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैटरी लाइफ-साइकिल और रीसाइक्लिंग के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित करने पर सहमति बनी। इससे पुरानी बैटरियों का सही निस्तारण होगा और सप्लाई चेन मजबूत होगी।बैठक में पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने और डीटीसी डिपो व आईएसबीटी में चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी विचार किया गया। निजी इंटर-स्टेट ई-बस ऑपरेटरों को भी सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर का एक्सेस देने पर चर्चा हुई, जिससे लंबी दूरी की यात्रा भी प्रदूषण मुक्त हो सके।
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