Delhi: कोरियर से अमेरिका भेजी जा रही थी नशीली दवाओं की खेप, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़, किंगपिन समेत 5 गिरफ्तार

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Delhi Illegal Courier Drug Trade Bust: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल कूरियर सर्विस के जरिए अमेरिका में साइकोट्रोपिक दवाओं की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में किंगपिन यासर खान समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की हैं। डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि आरोपियों को एसीपी भगवती प्रसाद देखरेख में इंस्पेक्टर अरविंद के नेतृत्व में एसआई राजबीर सिंह की टीम ने पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, मामला 25 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया था, जब मोती नगर स्थित कूरियर वेयरहाउस में अमेरिका…

Delhi Illegal Courier Drug Trade Bust: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल कूरियर सर्विस के जरिए अमेरिका में साइकोट्रोपिक दवाओं की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में किंगपिन यासर खान समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की हैं। डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि आरोपियों को एसीपी भगवती प्रसाद देखरेख में इंस्पेक्टर अरविंद के नेतृत्व में एसआई राजबीर सिंह की टीम ने पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, मामला 25 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया था, जब मोती नगर स्थित कूरियर वेयरहाउस में अमेरिका भेजे जा रहे एक संदिग्ध पार्सल को रोका गया। जांच के दौरान पार्सल में सामान्य सामान की आड़ में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में साइकोट्रोपिक दवाएं बरामद हुईं।

भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद

बरामद में जोलपिडेम, ट्रामाडोल और डायजेपाम जैसी दवाएं शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग ब्रांड के नाम पर पैक किया गया था। शुरुआती जांच में 350 स्ट्रिप जोलपिडेम और 250 स्ट्रिप ट्रामाडोल बरामद हुईं। इसके अलावा आरोपी अभिषेक भार्गव की गिरफ्तारी के समय और भी दवाएं जब्त की गईं, जिससे साफ हुआ कि गिरोह बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय तस्करी में लिप्त था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी केवाईसी दस्तावेज, नकली इनवॉइस और कूरियर नेटवर्क का इस्तेमाल कर दवाओं को विदेश भेजते थे। दवाओं के बैच नंबर तक मार्कर से मिटा दिए जाते थे ताकि उनकी असली पहचान छिपाई जा सके। पार्सल को लेस या कॉटन जैसे सामान्य सामान बताकर बुक किया जाता था।

गिरोह का मास्टरमाइंड करता था विदेश में ग्राहकों से संपर्क

पुलिस के मुताबिक, यासर खान इस गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो विदेश में ग्राहकों से संपर्क कर ऑर्डर लेता था और भुगतान की व्यवस्था करता था। यह भुगतान बैंक और यूपीआई के जरिए उसकी कंपनी के खातों में आता था। जांच में व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजेक्शन और कूरियर रिकॉर्ड से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। गौरतलब है कि यासर खान पहले भी लखनऊ में एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में शामिल रह चुका है, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि का पता चलता है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है। क्राइम ब्रांच ऐसे संगठित गिरोहों पर लगातार नजर बनाए हुए है और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।