इस महीने में आने वाले हर सोमवार को लोग व्रत रखते हैं, और खासकर कुंवारी लड़कियों में इसका बहुत क्रेज होता है। ऐसी मान्यता है कि सावन के सभी सोमवार का व्रत रखने से अच्छा और मनपसंद पति मिलता है, ठीक वैसे ही जैसे माता पार्वती को भगवान शिव मिले थे। इस बात के पीछे एक पुरानी पौराणिक कहानी है।
माता पार्वती की कठिन तपस्या
पौराणिक कहानियों के अनुसार, माता पार्वती भगवान शिव से शादी करना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने बहुत कठिन व्रत और तपस्या की। उन्होंने सालों तक खाना-पीना तक छोड़ दिया था। उनकी इतनी सच्ची भक्ति और समर्पण देखकर शिव जी का दिल पिघल गया और उन्होंने माता पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। इसी कहानी की वजह से लड़कियां सावन में व्रत रखकर शिव जी जैसा पति मांगती हैं।
कुंवारी लड़कियों के लिए सोमवार का व्रत क्यों खास है? (Unmarried Girls Sawan Somwar Vrat)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुंवारी लड़कियों को सावन सोमवार का व्रत जरूर रखना चाहिए ताकि उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिले। इसके अलावा, जिन लड़कियों की शादी में देरी हो रही है, उन्हें भी यह व्रत करना चाहिए। इससे शादी के योग जल्दी बनने लगते हैं।
ग्रहों का शुभ प्रभाव
सावन सोमवार व्रत विधि
- सुबह जल्दी उठें, स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूरी श्रद्धा के साथ व्रत का संकल्प लें।
- मंदिर जाकर शिवलिंग पर शुद्ध जल, दूध, गंगाजल, शहद और बेलपत्र चढ़ाएं।
- माता गौरी को लाल चुनरी और सुहाग का सामान समर्पित करें।
- पूजा करते समय “ॐ नमः शिवाय” या “ॐ गौरीशंकराय नमः” मंत्र की कम से कम एक माला का जाप करें।
- अभिषेक के लिए जल या दूध में थोड़ा केसर या हल्दी मिला लें।
- भोलेनाथ को खीर या मिठाई का भोग लगाएं और आरती के साथ पूजा संपन्न करें।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
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