नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) की ओर से बताया गया कि 28 मार्च को गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली कि मनोज उर्फ मनीष नाम का एक शख्स केमिस्ट की दुकान की आड़ में अवैध तरीके से नशीली दवाओं की तस्करी कर रहा है। जानकारी मिलते ही एएटीएस की टीम एक्टिव हुई और कार्रवाई करते हुए मामले का भंडाफोड़ किया।
एएटीएस की ओर से बताया गया कि मनोज उर्फ मनीष पर आरोप है कि निलोठी (चंदर विहार) स्थित अपनी दुकान से प्रतिबंधित फार्मास्युटिकल दवाएं बेच रहा था और इन वर्जित दवाओं की सप्लाई नशे के आदी लोगों को कर रहा था। जानकारी होने पर एक टीम का गठन किया गया और नशीली दवा विभाग को भी जानकारी दी गई।
बताया गया कि एएटीएस और नशीली दवा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मनोज उर्फ मनीष को पकड़ा गया है। टीम ने केमिस्ट की दुकान से कोडीन सिरप की 50 बोतलें (व्यावसायिक मात्रा), ट्रामाडोल के 499 कैप्सूल और 400 टैबलेट (व्यावसायिक मात्रा) और अल्प्राजोलम के 240 कैप्सूल बरामद किए।
एएटीएस की ओर से बताया गया कि यह प्रतिबंधित सामान दुकान के अंदर एक ढके हुए पारदर्शी प्लास्टिक के डिब्बे में छिपाकर रखा गया था। सभी दवाओं पर लिखे बैच नंबर और एक्सपायरी डेट को मिटाया हुआ पाया गया। बरामद की गई सभी वस्तुओं को कानूनी प्रोटोकॉल के अनुसार सील कर दिया गया है।
आरोपी के खिलाफ पुलिस स्टेशन निहाल विहार में एनडीपीएस और ड्रग व कॉस्मेटिक अधिनियम की धारा 18 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर सभी प्रतिबंधित चीजों को जब्त किया गया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
–आईएएनएस
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