शिमला, 21 जून (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का शानदार आयोजन हुआ, जिसमें समाज के अलग-अलग वर्गों के 5,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सामूहिक योग सत्र में भाग लिया।
राज्यपाल ने योग को शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के लिए एक अत्यंत प्रभावी साधन बताया। यह कार्यक्रम हिमाचल पुलिस ने राज्य के आयुष विभाग के सहयोग से आयोजित किया था, जिसका मकसद स्वास्थ्य, सद्भाव और समग्र जीवनशैली का संदेश फैलाना था।
लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा, “योग मानवता के लिए भारत का अनमोल उपहार है और शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है।” उन्होंने नागरिकों, खासकर युवा पीढ़ी से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ व सकारात्मक समाज के निर्माण में योगदान दें।
इस मौके पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के साथ योग सत्र में हिस्सा लिया। डीजीपी ने कहा, “योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है, यह एक अनुशासन और जीवन जीने का तरीका है। स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक दृष्टिकोण एक मजबूत समाज के लिए जरूरी आधार हैं।”
उन्होंने कहा, “हिमाचल प्रदेश पुलिस न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, बल्कि स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और नशा-मुक्त समाज को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। आइए, हम योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और दूसरों को भी स्वस्थ भविष्य की ओर प्रेरित करें।”
इस कार्यक्रम में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों, अलग-अलग सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, छात्रों, बच्चों, घरेलू व विदेशी पर्यटकों और समाज के हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की विशेष शपथ भी दिलाई गई।
–आईएएनएस
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