ओडिशा में पीएमजीएसवाई-4 का शुभारंभ, ग्रामीण संपर्क को बड़ा प्रोत्साहन

भुवनेश्वर, 1 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-4) के चौथे चरण का ओडिशा में शुक्रवार को औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया, जो राज्य भर में ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन रायगड़ा में एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में किया गया।

पीएमजीएसवाई-4 के तहत ओडिशा के लिए 1,700 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इस पहल के तहत आठ जिलों – कंधमाल, क्योंझर, खुर्दा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, रायगड़ा और संबलपुर – के 898 गांवों को जोड़ने वाली 1,702 किलोमीटर लंबी बारहमासी सड़कें बनाई जाएंगी। केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के वित्त पोषण अनुपात के तहत कुल 827 नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने रायगड़ा जिले में पेयजल और 200 करोड़ रुपए से अधिक के बुनियादी ढांचा कार्यों सहित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 104.56 करोड़ रुपए की 13 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी शामिल है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के बिना समृद्ध ओडिशा असंभव है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दृष्टिकोण को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई ने दूरदराज के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

दूरस्थ क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने बताया कि इस चरण के अंतर्गत अकेले रायगड़ा और मलकानगिरी जिलों में 442 नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

केंद्र ने ओडिशा के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की भी घोषणा की, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 630 करोड़ रुपए और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के जलसंभर विकास घटक के तहत 30 करोड़ रुपए शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने ओडिशा को निरंतर समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और राज्य के प्रति केंद्रीय मंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की।

उन्होंने ‘मिशन पवार’ (बिजली-पानी-सड़क) की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य 50 से अधिक आबादी वाली छोटी बस्तियों में कनेक्टिविटी, बिजली और पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। राज्य ने चालू बजट में पंचायती राज विभाग के लिए 34,104 करोड़ रुपए और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 10,204 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

महात्मा गांधी को उद्धृत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा उसके गांवों में बसती है, और कहा कि ग्रामीण कनेक्टिविटी सामाजिक-आर्थिक विकास की रीढ़ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सड़कें गांवों में समग्र विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करती हैं।

गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सड़क निर्माण हेतु त्रिस्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। 2026-27 के बजट में रखरखाव के लिए 550 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, साथ ही पुरानी सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार की ओर से 150 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया गया है। राज्य ने इस वर्ष 9,700 किलोमीटर सड़कों और 350 पुलों के निर्माण का लक्ष्य रखा है।

इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य न केवल गांवों को सड़कों से जोड़ना है, बल्कि लोगों के दिलों को भी जोड़ना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि एकीकृत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए कृषि वैज्ञानिकों की एक टीम ओडिशा का दौरा करेगी। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य भर में ‘बीज ग्राम’ विकसित करने की योजना बना रही है, ताकि विविध फसल उत्पादन के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि हो सके।

पंचायती राज और पेयजल मंत्री रवि नारायण नाइक ने कहा कि वाजपेयी के नेतृत्व में 26 साल पहले शुरू की गई पीएमजीएसवाई (प्रवेश प्रणाली विकास और पेयजल प्रणाली) ने ग्रामीण विकास और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस कार्यक्रम में रायगड़ा विधायक अप्पाला स्वामी कद्रका, गुनूपुर विधायक सत्यजीत गमंगो, और बिसम कटक विधायक नीलामाधव हिकाका सहित कई गणमान्य व्यक्ति, ग्रामीण विकास मंत्रालय, और ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

–आईएएनएस

एमएस/

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