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परिसीमन से लेकर महिला आरक्षण पर चर्चा, विपक्ष को जमकर लगाई लताड़! पढ़ें संसद में PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

PM Modi Lok Sabha Speech Highlights

PM Modi Lok Sabha Speech Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर बोलते हुए इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के इतिहास में कुछ ऐसे पल आते हैं, जब समाज की सोच, दिशा और नेतृत्व मिलकर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। उनके मुताबिक, संसद का यह समय भी वैसा ही एक निर्णायक क्षण है, जो देश की दिशा बदल सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि इस तरह के विचारों को 25-30 साल पहले ही लागू कर दिया गया होता, तो आज तक यह पूरी तरह विकसित और मजबूत बन चुका होता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत एक प्राचीन लोकतांत्रिक परंपरा वाला देश है और इसे “मदर ऑफ डेमोक्रेसी” कहा जाता है। ऐसे में लोकतंत्र को और मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है।

PM Modi Lok Sabha Speech Highlights: महिला आरक्षण पर स्पष्ट संदेश

महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी राजनीतिक दल इसका विरोध करेगा, उसे भविष्य में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े होने वालों को कभी माफी नहीं मिली है। इसलिए यह समय राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेने का है।

निर्णायक क्षण और राष्ट्र निर्माण

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि राष्ट्र के जीवन में कुछ ऐसे मौके आते हैं, जब समाज की मानसिकता और नेतृत्व की क्षमता मिलकर उस पल को एक स्थायी विरासत में बदल देती है। यह वही समय है, जब सही निर्णय लेकर देश को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने इसे भारत के संसदीय इतिहास का महत्वपूर्ण मोड़ बताया।

लोकतंत्र और महिलाओं की भागीदारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और अब इस यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना केवल एक सुधार नहीं, बल्कि एक आवश्यक कदम है। इससे शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता बढ़ेगी और समाज में संतुलन आएगा।

सांसदों से अपील

उन्होंने सभी सांसदों से अपील की कि इस अवसर को हाथ से न जाने दें। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर देश को नई दिशा देने जा रहे हैं और यह प्रयास केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के भविष्य को भी आकार देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस विचार-विमर्श से जो परिणाम निकलेगा, वह देश की राजनीति और समाज दोनों को प्रभावित करेगा।

महिलाओं का अधिकार, कोई उपकार नहीं

प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यह सोचना गलत है कि सरकार महिलाओं को कुछ दे रही है। उन्होंने कहा कि यह उनका अधिकार है, जो लंबे समय से उन्हें नहीं मिला। अब समय आ गया है कि इस गलती को सुधारा जाए और महिलाओं को उनका हक दिया जाए। उन्होंने इसे एक तरह से पुराने अन्याय का प्रायश्चित भी बताया।

पूरे देश को साथ लेकर चलने की बात

उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हमें पूरे देश को साथ लेकर चलना होगा। चाहे कश्मीर हो या कन्याकुमारी, हमें टुकड़ों में सोचने की बजाय एकजुट होकर निर्णय लेना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जो सही नहीं है।

दक्षिण भारत को भरोसा

दक्षिणी राज्यों को लेकर उठ रही चिंताओं पर प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में किसी भी राज्य की हिस्सेदारी कम नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोगों को “गारंटी” शब्द चाहिए तो वे यह शब्द भी इस्तेमाल करने को तैयार हैं, क्योंकि उनकी नीयत साफ है।

क्रेडिट को लेकर बयान

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अगर इस बिल का विरोध होता है, तो राजनीतिक लाभ उन्हें मिल सकता है। लेकिन अगर सभी दल मिलकर इसे पारित करते हैं, तो इसका श्रेय किसी एक को नहीं मिलेगा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें क्रेडिट नहीं चाहिए, बल्कि वे तो दूसरों को इसका “ब्लैंक चेक” देने को तैयार हैं।

तकनीकी बहानों पर हमला

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों से इस मुद्दे को टालने के लिए अलग-अलग तरह के तकनीकी बहाने बनाए गए। हर बार कहा गया कि हम इसके पक्ष में हैं, लेकिन फिर कोई न कोई अड़चन खड़ी कर दी गई। उन्होंने इस प्रवृत्ति की आलोचना करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इस बहानेबाजी को खत्म किया जाए।

अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में विपक्ष पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग काले कपड़े पहनकर आए हैं, जिसे उन्होंने “काला टीका” बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शुभ कार्य से पहले नजर से बचाने के लिए काला टीका लगाया जाता है, इसलिए वे उनका धन्यवाद करते हैं।

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