सूरत में मेट्रो का सपना हुआ साकार: सूरत मेट्रो के 40 किमी लंबे नेटवर्क पर काम तेज, ट्रायल शुरू

अहमदाबाद, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात में अहमदाबाद के बाद अब डायमंड सिटी ‘सूरत’ भी मेट्रो के सफर के लिए तैयार है। सूरत में ड्रीम सिटी और अलथान टेनामेंट के बीच 8.5 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी परिवहन को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है। इसी के तहत गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सूरत में ड्रीम सिटी और अलथान टेनामेंट के बीच 8.5 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन शुरू कर दिया है। अब सूरतवासियों का मेट्रो के सफर का सपना साकार होने वाला है। मेट्रो सेवा शुरू होने से सूरत के लोगों को जहां ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। वहीं उन्हें तेज, सुरक्षित और ईको-फ्रेंडली यात्रा का बेहतर विकल्प मिलेगा।

उधर, मेट्रो का संचालन होने से सूरत डायमंड बोर्स तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे डायमंड उद्योग की रफ्तार को भी पंख लगेंगे। इससे वराछा, कतारगाम और सरथाणा जैसे इलाकों से रोजाना 40 से 45 हजार कारीगरों और व्यापारियों को तेज व आरामदायक ट्रांसपोर्टेशन में सुविधा मिलेगी।

गुजरात जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के रीजनल चेयरमैन जयंती सावलिया ने बताया कि ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम होगी डायमंड बोर्स तक मेट्रो शुरू होने से यहां 45 हजार लोग आवाजाही कर सकेंगे। पूरे शहर को जोड़ने वाली मेट्रो बहुत ही अच्छी तरह से डिजाइन की गई है।

सूरत मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में दो कॉरिडोर सरथाणा से ड्रीम सिटी तक कॉरिडोर-1 और भेसान से सरोली तक कॉरिडोर-2 शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट में कुल 38 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसकी कुल लंबाई 40.35 किलोमीटर है, जिसका 6.47 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड है, जबकि ड्रीम सिटी और भेसान में दो डिपो भी विकसित किए जा रहे हैं।

सूरत में ड्रीम सिटी और अलथान टेनामेंट के बीच 500 घंटे के ट्रायल रन के दौरान मेट्रो ट्रेन की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम और तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। इसके अलावा, इस रूट पर 7 मेट्रो स्टेशनों का काम भी अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि सुरक्षा जांच और परीक्षण प्रक्रिया के बाद जल्द ही सूरत मेट्रो ट्रेन सर्विस जनता को समर्पित कर दी जाएगी।

सूरत मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के परियोजना निदेशक आनंद सिंह बिष्ट ने बताया कि कॉरिडोर-1 जिसे ‘डायमंड कॉरिडोर’ भी कहा जाता है, ड्रीम सिटी को सरथाना से जोड़ता है। इसकी कुल लंबाई 21.6 किलोमीटर है, जिसमें से 15 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और 6.5 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड है। इस कॉरिडोर में 14 एलिवेटेड और 6 अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं। कॉरिडोर-2 जिसे ‘टेक्सटाइल कॉरिडोर’ भी कहा जाता है भेसान को सरोली से जोड़ता है इसकी कुल लंबाई 18.7 किलोमीटर है, यह कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड है और इसमें 18 एलिवेटेड स्टेशन हैं।

सूरत निवासी राज पटेल ने कहा कि सूरत में मेट्रो आने से दैनिक जीवन में जो लोग सुबह से शाम पब्लिक ट्रांसपोर्ट के भरोसे हैं, उन्हें सरलता होगी समय से लोग एक जगह से दूसरी जगह पहुंच सकेंगे। एक सूरत वासी के तौर पर मुझे खुशी हो रही है। वर्षों के इंतजार के बाद मेट्रो मिल रही है, तो प्रत्येक सूरत वासी का दिल प्रसन्नचित है।

स्थानीय निवासी रोशन चिमना ने कहा कि सूरत में इसका काम बहुत जल्दी हुआ है। इससे बड़ी गौरव की क्या बात हो सकती है।

–आईएएनएस

एसएके/पीएम

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