कारगिल विजय दिवस : बाइक रैली के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल ने पूछा- हाउ इज द जोश, सेना ने दिया ये जवाब

भारतीय सेना ने कश्मीर घाटी और लेह के पर्वतों के बीच कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ के मौके पर एक हजार किलोमीटर की दूरी तय कर बाइक रैली निकाली।

भारतीय सेना ने कश्मीर घाटी और लेह के पर्वतों के बीच कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ के मौके पर एक हजार किलोमीटर की दूरी तय कर बाइक रैली निकाली। यह रैली शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए द्रास में स्थापित किये गए ऐतिहासिक कारगिल युद्ध स्मारक पर समाप्त हुई।
रैली की एक टुकड़ी का नेतृत्व सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी ने किया जो कारगिल युद्ध में भी शामिल थे। जोजिला दर्रे से गुजरने से ठीक पहले लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने टीम से पूछा, “हाउ इज द जोश?” (जोश कैसा है?), इसके जवाब में जवानों ने कहा, “हाई सर” (ऊंचा है।)
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जोजिला दर्रा समुद्र तल से 11,649 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सेना ने इस रैली की तस्वीरें और वीडियो ऑनलाइन साझा किये। सेना ने ट्विटर पर लिखा, “जब सेना के कमांडर आगे नेतृत्व करते हैं तब जोश आकाश की ऊंचाई पर होता है।”
वीडियो में लेफ्टिनेंट जनरल जोशी कह रहे हैं, “अब सबसे आसान रास्ता है…। हम लद्दाख जाते हुए जब जोजिला पर चढ़ेंगे तब (आपको) ध्यान रखना होगा।” कारगिल युद्ध समाप्त होने की घोषण 26 जुलाई 1999 को हुई थी जब भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी फौज को पीछे खदेड़ दिया था। इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। पाकिस्तानी सेना की नॉर्दर्न लाइट इन्फेंट्री के फौजी सीमा पार कर भारत के क्षेत्र में घुस आए थे और उन्होंने कारगिल की चोटियों पर कब्जा कर लिया था।

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