Hyderabad Software Engineer Suicide Case: हैदराबाद में एक 36 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर सीताराम की आत्महत्या ने सनसनी फैला दी है। सीताराम को उसकी पत्नी ने शादी के बाद एक बार नहीं बल्कि तीन बार धोखा दिया। इससे तंग आकर उसने हैदराबाद के हुसैन सागर झील में कूदकर जान दे दी। मरने से पहले वह 19 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़कर गया, इस नोट में पत्नी पर लगाए आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
पत्नी के अवैध संबंध से टूटा पति
यह मामला तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का है। 36 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर सीताराम अपनी पत्नी रेणुका के साथ रहता था। उनकी शादी साल 2018 में हुई थी, दोनों पति-पत्नी नौकरी करती थे। मगर पत्नी रेणुका के दूसरे मर्दों के साथ अवैध संबंध थे। जब सीताराम को इसकी जानकारी हुई, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों के बीच इसको लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
सीताराम ने अपने सुसाइड नोट में पत्नी रेणुका पर एक नहीं, बल्कि तेन पुरुषों के साथ अवैध संबंध रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट के अनुसार, उसकी पत्नी पिछले डेढ़ साल से तीन पुरुषों के संपर्क में थी। सीताराम ने लिखा वह अपनी पत्नी को हर सुख-सुविधा देता था और उसने उसके लिए कभी कोई चीज की कमी नहीं होने दी, लेकिन बदले में सिर्फ धोखा मिला।
सोशल मीडिया पर मिले पत्नी के अश्लील वीडियो
सीताराम ने सुसाइड नोट में बताया कि उसको अपनी पत्नी के कुछ प्राइवेट वीडियो सोशल मीडिया पर मिले। उसकी पत्नी ने अपनी एक प्रेमी ‘रमणा रेड्डी’ के साथ कुछ निजी पल बिताए और उनका वीडियो रिकॉर्ड किया। यह अश्लील वीडियो रमणा के इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया था।
उसने नोट में लिखा, “मैं अपनी पत्नी के निजी पलों के वीडियो इंस्टाग्राम पर कैसे देख सकता था? उन वीडियो को देखने के बाद मुझे अपनी पत्नी की असलियत समझ आ गई। जब मैं घर पर नहीं होता था, तो वह रमणा अक्सर मेरे घर आता था। एक महिला को आखिर क्या चाहिए? प्यार या शारीरिक आकर्षण? अगर उसे यही सब चाहिए था, तो किसी महिला को अपने अवैध संबंधों के ऐसे वीडियो रिकॉर्ड नहीं करने चाहिए।”
पत्नी रेणुका और रमणा रेड्डी समेत तीन लोग हिरासत में
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसाइड नोट में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतक की पत्नी रेणुका और रमणा रेड्डी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में डिजिटल साक्ष्य और सोशल मीडिया एक्टिविटी की गहराई से जांच कर रही है। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड को मुख्य सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
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