सुप्रीम कोर्ट ने दो राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में तैनाती के लिए पश्चिम बंगाल के कुछ स्थानों से सुरक्षा बलों को हटाने का केंद्र सरकार का अनुरोध आंशिक तौर पर आज स्वीकार कर लिया। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और कलिमपोंग में तैनात सुरक्षाबलों की 7 कंपनियों को वापस लेने की अनुमति दे दी। इन पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की 15 कंपनियां तैनात हैं।
केंद्र सरकार ने दार्जिलिंग और कलिमपोंग में तैनात सुरक्षा बलों को वहां से हटाने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। केंद्र सरकार की ओर से वकील वसीम कादरी ने शीर्ष अदालत से कहा था कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में सुरक्षा बलों को तैनात किया जाना है। इसके बाद उसने सुनवाई के लिए आज की तारीख मुकर्रर की थी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी, जिसने दार्जिलिंग की पहाड़ियों से केंद्रीय सशस्त्र अर्द्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) की वापसी की केंद्र सरकार की योजना पर रोक लगा दी थी। राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों की वापसी के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।


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