राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अब वैश्विक महामारी कोरोना का नया रूप सामने आया है और देश में भयावह स्थिति बनती जा रही है, ऐसे में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व की तरह राज्यों से विस्तार से चर्चा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री गहलोत ने आज सोशल मीडिया के जरिए यह बात कही। उन्होंने कहा कि अब कोरोना का नया रूप प्रकट हुआ है और देश में भयावह स्थिति बनती जा रही है एवं लॉकडाउन और कर्फ्यू लगाने जैसे सख्त फैसले करने पड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व की तरह राज्यों से विस्तार से चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक तरफ तो हम जनता को कोविड प्रोटोकॉल फॉलो करने के लिए कहते हैं और दूसरी तरफ चुनावों में लाखों लोगों की भीड़ की रैलियां और रोड शो होते रहे। ऐसा सब बिहार चुनाव से ही हो रहा है। राजनेता चाहते तो वर्चुअल रैली जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर भीड़ इकट्ठा होने से रोक सकते थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि न्यायपालिका और चुनाव आयोग भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने राज्यों के विरोध के बावजूद पंचायतों एवं स्थानीय निकायों के चुनाव कराने के आदेश दे दिए। चुनाव आयोग अपने कर्तव्यों की पूर्ति मानते हुए चुनावों की घोषणा करता रहा। नेताओं ने जमकर प्रचार प्रसार किया रैलियां निकाली और भीड़ आती रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ठीक कहा है कि कोरोना संक्रमण फैलने के लिए हम राजनेता भी कुछ हद तक दोषी हैं।



Download Android App
Download iOS App



