राजस्थान : प्रवासी पक्षी कुरजां पर मंडराया बर्ड फ्लू का खतरा, अब तक 170 की मौत - Latest News In Hindi, Breaking News In Hindi, ताजा ख़बरें, Daily News In Hindi

लोकसभा चुनाव 2024

पहला चरण - 19 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

102 सीट

दूसरा चरण - 26 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

88 सीट

तीसरा चरण - 7 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

94 सीट

चौथा चरण - 13 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

96 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

58 सीट

सातवां चरण - 1 जून

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

सातवां चरण - 1 जून

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

राजस्थान : प्रवासी पक्षी कुरजां पर मंडराया बर्ड फ्लू का खतरा, अब तक 170 की मौत

राजस्थान में प्रवासी पक्षी कुरजां (डोमीइसेल क्रेन) इस बार बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं और। अब तक इससे करीब 170 कुरजां की मौत हो चुकी है।

राजस्थान में प्रवासी पक्षी कुरजां (डोमीइसेल क्रेन) इस बार बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं और। अब तक इससे करीब 170 कुरजां की मौत हो चुकी है। कुरजां पक्षी साइबेरिया एवं मंगोलिया से हजारों किलोमीटर का लंबा सफर तय कर शीतकालीन प्रवास पर राजस्थान आते हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनीमल्स डिजीज भोपाल की रिपोर्ट में जोधपुर जिले के कापरड़ा में मरी कुरजां में बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई है। पिछले सप्ताह इन पक्षियों के बीमार पड़ने एवं मरने का सिलसिला शुरू होने पर जांच के लिए मृत कुरजां के नमूने भोपाल भेजे गए थे।
जोधपुर माचिया बायोलॉजिकल पार्क के डा ज्ञान प्रकाश ने बताया कि भोपाल से शुक्रवार को प्राप्त रिपोर्ट में एवीयन इन्फ्लुएंजा वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई जो एच5 एवं एन1 प्रकार का है। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद कुरजां वाले क्षेत्रों में आम लोगों को दूर रखने, बीमार कुरजां के इलाज एवं मृत पक्षियों के निस्तारण के दौरान वहां काम में लगे चिकित्सक सहित अन्य लोग पीपीई कीट पहनने तथा अन्य जरूरी सावधानी बरती जा रही है।
1636780387 kuranja
उन्होंने बताया कि इसका असर जोधपुर जिले के कापरड़, ओलवी एवं रामासनी में ज्यादा देखने को मिला और इन क्षेत्रों में अब तक 150 से अधिक कुरजां की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि जोधपुर से सटे पाली जिले में भी इन पक्षियों की मौत हुई है। पाली जिले के सरदारसमंद में शुक्रवार को क़रीब दस कुरजां की मृत्यु हो गई। प्रदेश में अब तक इससे लगभग 170 कुरजां की मृत्यु हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू की रिपोर्ट आने से पहले मृत कुरजां के पोस्टमार्टम के बाद बीमार पक्षियों को इलाज रानीखेत बीमारी मानकर किया जा रहा था लेकिन अब स्पष्ट हो गया कि इनकी मौत बर्ड फ्लू से हुई है और अब इसके अनुसार इलाज एवं सावधानी बरती जा रही है। इससे पहले इनके बचाव के लिए इनका वैक्सीनेशन भी किया गया।
उन्होंने बर्ड फ्लू को पक्षियों के लिए घातक बताते हुए कहा कि फिलहाल यह बीमारी सीमित क्षेत्र में ही है और इसके अन्य जगहों पर फैलने की सूचना नहीं है, इस कारण इसके अन्यत्र नहीं फैलने पर सप्ताह भर में इस पर काबू पा लेने की संभावना है। वन्यजीव चिकित्सक डा. श्रवण सिंह राठौड़ ने बताया कि बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद वाइल्ड लाइफ आफ इंडिया की टीम भी मौके पर पहुंची है। 
1636780437 kuranja 2
उधर फलौदी से चिकित्सा अधिकारी (पक्षी) डा भागीरथ ने बताया कि हजारों कुरजां के जमावड़ वाले खींचन में अभी किसी कुरजां के बीमार होने का मामला सामने नहीं आया है। हालांकि यहां भी सावधानी बरती जा रही है। इसके अलावा जोधपुर जिला प्रशासन ने ने अधिकारियों की बैठक लेकर बर्ड फ्लू से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
बर्ड फ्लू से इन पक्षियों की मौत के बाद भरतपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान सहित प्रदेश के पक्षियों के डेरे वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और पशुपालन विभाग ने कुछ स्थानों से पक्षियों की बीट के नमूने भी लिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इस समय जैसलमेर एवं जोधपुर एवं पाली सहित कुछ जिलों में अलग अलग स्थानों पर हजारों कुरजां ने डेरा डाल रखा है। साइबेरिया एवं मंगोलिया से लंबा सफर तय कर हर वर्ष सर्दी के मौसम में कुरजां राजस्थान आती है और सर्दी के बाद मार्च महीने के आखिरी में वापसी की उड़न भरने लग जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eight + 10 =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।