गौतम गंभीर के मेन कोच बनने के बाद इंडियन टीम ने लिमीटेड ओवरों के क्रिकेट में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। उनके टेन्योर में टीम ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। लेकिन हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार के बाद गंभीर की कोचिंग स्टाइल एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम के प्रदर्शन को लेकर बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों और ड्रेसिंग रूम के कुछ सदस्यों ने गंभीर के वर्किंग स्टाइल पर सवाल उठाए हैं। कहा जा रहा है कि जिस तरह का समर्थन उन्हें कोच बनने के शुरुआती दौर में मिला था, उसमें अब कमी देखने को मिल रही है।
Gautam Gambhir Retire As A Head Coach: हार की जिम्मेदारी को लेकर उठे सवाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड के कुछ अधिकारियों का मानना है कि गौतम गंभीर हार के लिए अक्सर खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ या सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को जिम्मेदार ठहराते हैं, जबकि टीम मैनेजमेंट के रोल पर कम चर्चा होती है। हालांकि किसी खिलाड़ी ने ऑफिशियल रूप से कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने बोर्ड के सामने उनके कोचिंग स्टाइल को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। सूत्रों का यह भी दावा है कि गंभीर की कुछ पॉलिसीज़ की वजह से ड्रेसिंग रूम के अंदर मतभेद की सिचुएशन भी बनी है, जिससे टीम के माहौल पर असर पड़ने की बातें सामने आई हैं।
टेस्ट क्रिकेट में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे नतीजे

जानकारी के लिए आपको बता दें कि गौतम गंभीर के टेन्योर में इंडियन टेस्ट टीम को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज गंवानी पड़ी थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। इन रिजल्ट्स के बाद भी टीम मैनेजमेंट पर ऑफिशियल रूप से किसी तरह की जिम्मेदारी एक्सेप्ट नहीं किए जाने की चर्चा रही है।
सपोर्ट स्टाफ चुनने की मिली थी पूरी आजादी

साल 2024 में जब गौतम गंभीर को इंडियन टीम का हेड कोच बनाया गया था, तब बीसीसीआई ने उन्हें अपनी पसंद का सपोर्ट स्टाफ चुनने की पूरी आज़ादी दी थी। उनके साथ अभिषेक नायर, रायन टेन डोइशे और मोर्ने मोर्केल जैसे नाम जुड़े। हालांकि समय के साथ अभिषेक नायर और रायन टेन डोइशे टीम से अलग हो चुके हैं। बोर्ड के कुछ सदस्यों का मानना है कि गंभीर इस आज़ादी के मुताबिक फायदा नहीं उठा सके।
श्रीलंका दौरे पर टिकी रहेंगी निगाहें

गंभीर के कोच बनने के बाद भारत ने अब तक सात टेस्ट सीरीज खेली हैं। इनमें बांग्लादेश, वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान के खिलाफ जीत मिली, जबकि न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज ड्रॉ रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम के कुछ सदस्यों का गंभीर की प्लानिंग पर पहले जैसा भरोसा नहीं रहा है। अब भारतीय टीम की अगली चुनौती श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज होगी, जिसकी शुरुआत 15 अगस्त से होगी। माना जा रहा है कि इस सीरीज का प्रदर्शन गौतम गंभीर के कोचिंग टेन्योर को लेकर आने वाले समय की दिशा तय करने में अहम रोल निभा सकता है।



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