Haryana vs UP Minimum Wages : हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मजदूरों के प्रदर्शन होने के बाद दोनों राज्यों में न्यूनतम मजदूरी संशोधन कर दिया गया है. इसके बाद अब दोनों राज्यों में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी गई है.
बता दें, यह फैसला यूपी के नोएडा में वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर अलग-अलग फैक्टरियों और कंपनियों के कर्मचारियों ने उग्र आंदोलन शुरू होने के बाद हुआ, वहीं हरियाणा के फरीदाबाद में भी मजदूरों का आन्दोलन हुआ.
दोनों राज्यों में हुए संशोधन के बाद आइए जानते हैं हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मजदूरी में कितना अंतर आया है-
Haryana vs UP Minimum Wages: हरियाणा – यूपी में वेतन में अंतर

बता दें हरियाणा में 4 श्रेणियों में श्रमिकों को बांटा गया है. अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल में. अगर बार करें वेतन की तो अकुशल श्रमिकों को 15,220 रूपए, अर्धकुशल को 16,780 रूपए, कुशल को 18,500 रूपए और उच्च कुशल श्रमिक को 19425 रूपए तय किया गया है.
बात करें उत्तर प्रदेश की तो उत्तर प्रदेश में भी 4 श्रेणियों में शर्मिकों को बांटा गया है. इनमें अकुशल श्रमिकों को 11,313 रूपए, अर्धकुशल को 13,940, कुशल को 15,000, उच्च कुशल को 15,500 रूपए के तय किया गया है.
मजदूरों की मांग
हालांकि दोनों राज्यों में मजदूरों का मेहनताना बढ़ाया गया है मगर अभी भी दोनों में भारी अंतर दिखाई दे रहा है. वहीं मजदूरों की मांग इससे अधिक है.
मजदूरों की मांगें है कि –
- महीने का वेतन कम से कम 20,000 से 25,000 रुपये किया जाए।
- रोजाना की मजदूरी 600 रुपये तय की जाए।
- ओवरटाइम का पैसा दिया जाए।
- कंपनियां लिखित में भरोसा दें।





















