सम्राट चौधरी का सियासी सफ़र, आरजेडी-जेडीयू में रहे, भाजपा में छुई सियासत की ऊंचाई, बने बिहार के अगले मुख्यमंत्री

Samrat Choudhary Politics

Samrat Choudhary Politics : सम्राट चौधरी एक ऐसा नाम जो इस समय बिहार में सबसे ज्यादा चर्चा में है. सम्राट बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं और उनके नाम पर ऐलान हो चुका है.

नितीश कुमार के अध्याय के बाद अब बिहार में सम्राट नाम का अध्याय शुरू हुआ है. मगर यह नाम यूंही नहीं बना बल्कि तमाम तपोवनों में तप कर हर घाट का पानी पी कर सम्राट राज्य के नए सम्राट बनने जा रहे हैं.

बता दें उनके नाम पर मुहर लग चुकी है और वे बुधवार को 11 बजे शपथ लेंगे. और भाजपा ने उन्हें अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया है.

पर दिलचस्प यह कि सम्राट न तो कभी आरएसएस से रहे न भाजपा से उन्होंने अपनी राजनीति शुरू की, लेकिन बहुत कम समय में वह बिहार में भाजपा के सबसे बड़े नेता के रूप में उभर कर सामने आए.

बता दें सम्राट चौधरी को भाजपा में शामिल हुए सिर्फ 8 साल ही हुए हैं ऐसे में इस तरह ऊंचाइयों को छूना यह आसान नहीं है वो भी ऐसी पार्टी में जहां आरएसएस से उनका सीधा सम्बन्ध नहीं रहा है.

Samrat Choudhary Politics: सम्राट का सियासी सफ़र

सम्राट ने अपनी राजनीति 90 के दशक में शुरू की, उन्होंने अपनी राजनीति आरजेडी से शुरू की, जब राज्य में राबड़ी देवी की सरकार थी, तब उन्हें सब से युवा मंत्री के रूप में सरकार में शामिल किया गया. वह मात्र 19 साल के थे जब सरकार में मंत्री बन गए थे.

सम्राट चौधरी को सियासत अपने पिता शकुनी चौधरी से विरासत में मिली है. शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति के दिग्गज नेता रहे हैं, जो कांग्रेस से लेकर समता पार्टी में रहे. सकुनी चौधरी एक समय बिहार की राजनीती में ओबीसी नेता का चेहरा माना जाता था. सकुनी चौधरी की सियासत भी बड़ी दिलचस्प है क्योंकि सकुनी चौधरी तब समता पार्टी छोड़ कर लालू प्रसाद यादव के साथ आए थे. वे तब राज्य में लालू यादव के विश्वासी लोगों में थे.

Bihar New CM Samrat Choudhary: आरजेडी से राजनीतिक शुरुआत

सम्राट चौधरी की शुरुआत भी आरजेडी से हुई पर समय के साथ आपसी विवाद बढे और उन्होंने पार्टी छोड़ दी. इसके बाद वे जनता दल में शामिल हो गए. ध्यान हो तो 2014 में जब नितीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया तो सम्राट चौधरी को भी केबिनेट में जगह मिली.

Bihar News Today: सियासी बुलंदी पर सम्राट

मगर जेडीयू में इम्पोर्टेंस नहीं मिलने के चलते उन्होंने जेडीयू से खुद को अलग कर दिया. उसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया. 2018 में भाजपा में शामिल हुए, मगर शामिल क्या हुए वह भाजपा के शीर्ष तक पहुंच गए. उन्होंने अपनी सियासी बुलंदी भाजपा में रह कर हासिल की. आज वे अपने सियासी क्रम में राज्य के सबसे ऊंचे ओहदे तक पहुंच चुके हैं.

यह भी पढ़ेंबिहार के अगले CM होंगे सम्राट चौधरी, चुने गए BJP विधायक दल के नेता, कल लेंगे शपथ

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