Iran warns America Big Update: शांति समझौता को लेकर फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच अभी तक कोई बातचीत नहीं हो पाई है। ऐसे में ईरान की ओर से एक सख्त और स्पष्ट संदेश सामने आया है। ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामनेई ने फारस की खाड़ी के आजादी दिवस पर बयान जारी करते हुए देश की सैन्य और परमाणु ताकत को “संपत्ति” बताया। उनके इस बयान ने साफ कर दिया है कि ईरान अपने रणनीतिक हितों पर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है। मुज्तबा खामनेई ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान की परमाणु क्षमता, मिसाइल सिस्टम और ड्रोन तकनीक सिर्फ हथियार नहीं बल्कि देश की ताकत और पहचान का हिस्सा हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि इन क्षमताओं को विकसित करने में सालों की मेहनत और बलिदान शामिल है, इसलिए इन्हें छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। उनका कहना था कि ईरान इन संसाधनों की रक्षा उसी तरह करेगा जैसे वह अपनी जमीन, पानी और हवाई सीमाओं की करता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आधुनिक तकनीक जैसे नैनो, बायो और न्यूक्लियर साइंस में ईरान की उपलब्धियां देश की आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं।
Iran warns America Big Update: Strait of Hormuz को बताया रणनीतिक ताकत
खामनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ईरान की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्तियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम कड़ी है, जो ओमान सागर के जरिए दुनिया के कई देशों को जोड़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका इस क्षेत्र के जरिए ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन ईरान इसे अपनी ताकत मानता है और इसकी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
अमेरिका और पश्चिमी देशों पर तीखा हमला
अपने बयान में मुज्तबा खामनेई ने अमेरिका को “दबाव बनाने वाली ताकत” बताते हुए उस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने इस क्षेत्र में बार-बार हस्तक्षेप किया है, जिससे अस्थिरता और खतरे बढ़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों को सुरक्षा देने में सक्षम नहीं है। उनके मुताबिक, फारस की खाड़ी का भविष्य बिना बाहरी हस्तक्षेप के ज्यादा सुरक्षित और उज्ज्वल होगा।
मुज्तबा खामनेई ने कहा कि ईरान की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए हजारों लोगों ने अपनी जान कुर्बान की है। ऐसे में देश के लिए किए गए इन बलिदानों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता अपने देश की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में तैयार है और किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।
पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर जोर
हालांकि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया, लेकिन पड़ोसी देशों के साथ बेहतर रिश्तों की बात भी की। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर से जुड़े देशों की किस्मत एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और क्षेत्रीय सहयोग ही भविष्य की कुंजी है। उनका संदेश साफ था कि ईरान अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर शांति और विकास चाहता है, लेकिन बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।
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