रायपुर में नगरीय निकायों की समीक्षा… उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दिए अधिकारियों को कड़े निर्देश, पेयजल संकट पर भी चर्चा

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Raipur Urban Body Review Meeting: राजधानी रायपुर में आयोजित नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक के दूसरे दिन शहरी विकास, बुनियादी सुविधाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रशासनिक तैयारियों, पेयजल संकट, विकास कार्यों की गति और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण बयान दिए। नगर विकास को लेकर सरकार का सख्त रुख उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार के गठन के बाद से शहरों को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगरीय प्रशासन विभाग की…

Raipur Urban Body Review Meeting: राजधानी रायपुर में आयोजित नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक के दूसरे दिन शहरी विकास, बुनियादी सुविधाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रशासनिक तैयारियों, पेयजल संकट, विकास कार्यों की गति और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण बयान दिए।

नगर विकास को लेकर सरकार का सख्त रुख

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार के गठन के बाद से शहरों को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगरीय प्रशासन विभाग की यह बैठक दो चरणों में आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां-जहां लापरवाही सामने आई है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई है। साथ ही विकास कार्यों को तय समय सीमा में तेज गति से पूरा करने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। रायपुर नगर निगम के कुछ इलाकों में पेयजल संकट को लेकर भी उपमुख्यमंत्री ने स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त राशि स्वीकृत की जा चुकी है और योजनाबद्ध तरीके से कार्य जारी है। पिछले एक वर्ष में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए तेजी से काम हुआ है, जिसका सकारात्मक परिणाम जल्द दिखाई देगा।

महिला आरक्षण पर अरुण साव का बड़ा बयान

महिला आरक्षण के मुद्दे पर अरुण साव ने कहा कि देश की आधी आबादी लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण मिल सकता है, तो विधानसभा और लोकसभा में क्यों नहीं। उन्होंने विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ राजनीति करने का आरोप लगाया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।