Sitapur News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के सकरन क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों का पुलिस पर से भरोसा कम होता नजर आ रहा है। इसी के चलते पीड़ित ग्रामीणों ने मजबूर होकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पैदल मार्च करने का फैसला लिया। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है।
Sitapur News: न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोग
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। इससे परेशान होकर अब उन्होंने सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाने का निर्णय लिया है। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर निकले ग्रामीणों ने क्षेत्र में हो रही घटनाओं के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
थानाध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सकरन थाने के प्रभारी प्रदीप सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनका व्यवहार आम जनता के प्रति ठीक नहीं है और वे शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही और अपराधियों से मिलीभगत के कारण ही क्षेत्र में अपराध बढ़ रहे हैं।
एक सप्ताह में कई घटनाओं से बढ़ी चिंता
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में क्षेत्र में कई आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। इनमें मवेशी चोरी, महिलाओं के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन मामलों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गए हैं।
पीड़ितों के साथ ही बदसलूकी का आरोप
एक घटना का जिक्र करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि जब एक परिवार छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंचा, तो वहां उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया। आरोप है कि उन्हें इधर-उधर भटकाया गया और करीब दो घंटे तक बैठाए रखा गया। इस तरह के रवैए से लोगों का पुलिस पर भरोसा और कमजोर हो गया है।
मवेशी चोरी के मामलों में भी नहीं मिला सुराग
सकरन क्षेत्र के सुमरावां और सैदापुर गांवों में हाल ही में मवेशी चोरी की घटनाएं हुईं। चोरों ने दो भैंसें चुरा लीं, जिनकी कीमत लगभग 80 हजार और 60 हजार रुपये बताई जा रही है। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस को सूचना देने की कोशिश की, तो उनकी बात भी ठीक से नहीं सुनी गई।
अब मुख्यमंत्री से उम्मीद
लगातार हो रही घटनाओं और कार्रवाई के अभाव से परेशान ग्रामीणों ने अब मुख्यमंत्री से सीधी गुहार लगाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर उन्हें न्याय नहीं मिल रहा, इसलिए अब वे अपनी समस्या सीधे सरकार के सामने रखना चाहते हैं।
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