US Labor Minister Resignation: अमेरिका की राजनीति में हाल ही में एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें श्रम मंत्री लोरी चावेज-डेरेमर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन पर कई गंभीर आरोप लगे थे, जिनकी जांच शुरू होने के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का फैसला किया। यह मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आया जब यह खुलासा हुआ कि देश में संकट के दौरान उन्होंने कथित तौर पर सरकारी पैसों का गलत इस्तेमाल किया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लोरी चावेज-डेरेमर पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन पर यह भी आरोप लगा कि उन्होंने सरकारी फंड का इस्तेमाल निजी कामों के लिए किया। खासकर यह मामला तब सामने आया जब देश में शटडाउन जैसी गंभीर स्थिति थी और उसी दौरान उनके पूल पार्टी में शामिल होने की खबर सामने आई।
US Labor Minister Resignation: कर्मचारियों के साथ व्यवहार पर सवाल
उनके खिलाफ एक शिकायत में यह भी कहा गया कि वह अपने कर्मचारियों के साथ ठीक व्यवहार नहीं करती थीं। आरोप है कि वह अक्सर कर्मचारियों पर गुस्सा करती थीं और मीटिंग के दौरान चिल्लाती थीं। इतना ही नहीं, यह भी कहा गया कि वह काम के दौरान शराब का सेवन करती थीं, जो एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के लिए गंभीर मामला माना जाता है। डेरेमर पर यह भी आरोप लगे कि उन्होंने अपने करीबी अधिकारियों को सरकारी खर्च पर यात्राओं पर भेजा। यह नियमों के खिलाफ माना जाता है। इसके अलावा, उनके सुरक्षा स्टाफ को लेकर भी कई सवाल उठे, जिससे उनके कामकाज पर और संदेह बढ़ गया।
शटडाउन के दौरान विवाद
अक्टूबर 2025 में जब अमेरिका में शटडाउन की स्थिति बनी हुई थी, उसी समय डेरेमर के पूल पार्टी में शामिल होने की खबर सामने आई। इस घटना ने लोगों के बीच नाराजगी पैदा कर दी। संकट के समय इस तरह की गतिविधि को गैर-जिम्मेदाराना माना गया और इस पर काफी आलोचना हुई। मामले की शुरुआती जांच में कुछ आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट में यह सामने आया कि वह अपने दोस्तों के साथ क्लब में समय बिताती थीं और इस दौरान भी सरकारी संसाधनों का उपयोग किया गया। जांच रिपोर्ट को सीनेट के पास भेजा गया, जिसके बाद उन पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया।
इन सभी विवादों के बीच लोरी चावेज-डेरेमर ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। व्हाइट हाउस की ओर से यह कहा गया कि उन्होंने निजी क्षेत्र में काम करने के लिए यह फैसला लिया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ते विवाद और जांच के कारण उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
लगातार तीसरा इस्तीफा
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के समय में यह तीसरा मौका है जब ट्रंप कैबिनेट के किसी सदस्य को इस्तीफा देना पड़ा है। इससे सरकार की छवि पर भी असर पड़ रहा है और विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का मौका मिल रहा है। इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता कितनी जरूरी है।
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