भारत-नेपाल सीमा पर महाकाली नदी पर पुल को कैबिनेट की मंजूरी

कैबिनेट की बैठक के बाद ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत-नेपाल के बीच महाकाली नदी पर 12 हजार करोड़ की लागत से ब्रिज बनाया जाएगा।

कैबिनेट की बैठक के बाद ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत-नेपाल के बीच महाकाली नदी पर 12 हजार करोड़ की लागत से ब्रिज बनाया जाएगा। क्योंकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को भारत के धारचूला में पुल के निर्माण के लिए भारत और नेपाल के बीच समझौते को मंजूरी देने वाले सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
एमओयू साइन होने से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध और बेहतर होंगे। घनिष्ठ पड़ोसियों के रूप में, भारत और नेपाल की दोस्ती और सहयोग के अनूठे संबंधों को साझा करते हैं, जिसकी विशेषता एक खुली सीमा और रिश्तेदारी और संस्कृति के लोगों से लोगों के बीच गहरे संपर्क हैं। विदेश मंत्रालय ने कैबिनेट के फैसले पर एक बयान में कहा कि भारत और नेपाल दोनों विभिन्न क्षेत्रीय मंचों यानी सार्क, बिम्सटेक के साथ-साथ वैश्विक मंचों पर एक साथ काम कर रहे हैं।
काली नदी उत्तराखंड में भारत और नेपाल की सीमा निर्धारित करती है। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों और उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में पहुंचने पर इसे शारदा नदी के नाम से जाना जाता है। काली नदी सरयू की सबसे बड़ी सहायक नदी है, जो कि पंचेश्वर नामक जगह पर मिलकर सरयू बन जाती है। काली नदी धारचूला नगर से होकर गुजरती है और जौलजीबी नामक स्थान पर गोरी नदी से मिलती है, जहां से यह महाकाली के नाम से जानी जाती है। काली गोरी नदी के संगम पर हर वर्ष मेले का आयोजन किया जाता है, जो कि तीन देशों भारत, नेपाल और चीन के बीच व्यापारिक महत्व को दर्शाता है।

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