नोटबंदी के कुछ समय बाद से ही ये आशंका लोगों को रह रह कर सताती रही है कि 2000 रुपये का नोट जल्दी ही सर्कुलेशन से बाहर हो जाएगा। 2000 के नोट को वापस लेने की ये आशंका कहां से शुरू हुई, ये तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन सरकार की ओर से कई मौकों पर ऐसी किसी भी संभावना को खारिज किया जा चुका है।
दरअसल, नोटबंदी के बाद कैश की किल्लत से बचने के लिए रिज़र्व बैंक ने 2000 के नोटों की बंपर छपाई की थी। इससे कैश की किल्लत तो दूर हुई लेकिन 2000 के नोट लोगों की तिजोरी में जमा होने लगे। मीडिया में भी खबर आई थी कि 2000 के नोट वापस नहीं आ रहे हैं।जमाखोरी की बात को अब आरबीआई ने भी स्वीकार किया है। फिलहाल 2000 के नोटों की छपाई कम हो रही है। कहा यह भी जा रहा है कि इनकी छपाई बंद कर दी गई है, लेकिन यह घोषित नहीं किया गया है।
रिज़र्व बैंक का पूरा फोकस अब 200 के नोटों पर है। आने वाले दिनों में न सिर्फ इसका चलन बढ़ेगा बल्कि देश के अधिकांश एटीएम इसके लिए तैयार भी किए जा रहे हैं। कानपुर स्थित आरबीआई के ऑफिस में पिछले तीन महीने में सबसे ज्यादा 200 रुपए नोटों की खेप उतरी है।आरबीआई का निर्देश है कि 500 की एक गड्डी देने की जगह 200 की दो और 100 की एक गड्डी दी जाये।
रिज़र्व बैंक के निर्देशानुसार अब एटीएम से 500, 200 और 100 के नोट ही मिलेंगे. देश भर के 40 फीसदी एटीएम को इसके लिए तैयार किया जा चुका है. आने वाले दिनों में इनका चलन बढ़ने वाला है।


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