केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में गरीबों को नई जगह जाने पर नया राशन कार्ड बनाने की जरूरत नहीं है, उन्हें सिर्फ अपना आधार कार्ड नंबर याद रखना है और वे जहां भी जाएंगे, वहां उन्हें बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत पहचान दर्ज कर सस्ती दर पर राशन उपलब्ध हो जाएगी।
उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि गरीब को मुफ्त की राशन देश में हर जगह उपलब्ध कराई जा रही है। उनके लिए नई जगह जाने पर नया राशन कार्ड बनाना जरूरी नहीं है, बल्कि वहां राशन की दुकान पर बायोमेट्रिक तरीके से अपनी पहचान बताकर आसानी से हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि यह सुविधा पूरे देश में लागू है। उनका कहना था कि असम में कुछ तकनीकी कारणों से दिक्कत आती थीं लेकिन अब वहां यह दिक्कत दूर हो गई है। वहां भी तेजी से इस प्रणाली को अब लागू किया जा रहा है। श्री गोयल ने कहा कि देश मे 97 फ़सदी राशन कार्ड धारकों को इस प्रणाली से जोड़ जा चुका है। देश में 80 करोड़ राशन कार्ड धारकों में से 77 करोड़ को यह सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत गरीबों को पांच किलो अतिरिक्त राशन दी जा रही है और यह राशन भी हर गरीब को देश में‘वन नेशन वन राशन कार्ड’योजना के तहत सभी जगह उपलब्ध कराई जा रही है। गरीबों के खाते में सीधे पैसे डालने संबंधी एक अन्य प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इस बारे में तकनीकी पहलुओं के साथ ही अन्य कई मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ है।


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