Suvendu Adhikari Suspends IPS Officer : बंगाल में सरकार बदलते ही कार्यवाईयों का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को विधानसभा में एक आईपीएस (IPS) अफसर और 4 अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने का ऐलान किया। सीएम अधिकारी ने सदन में साफ कहा कि पुलिस शक्तियों का दुरुपयोग और मनमानी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में पुलिस अधिकारों के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामलों की समीक्षा करने की बात कही और भरोसा दिया कि पद चाहे कोई भी हो, जवाबदेही तय की जाएगी। यह कार्रवाई मुख्य रूप से चार अलग-अलग घटनाओं से जुड़ी हुई है।
यह पूरा मामला कालियागंज में राजबंशी युवक मृत्युंजय बर्मन की मौत, पूर्व आईपीएस पंकज दत्ता को परेशान करने, कृष्णनगर में जगद्धात्री मूर्ति विसर्जन के दौरान लाठीचार्ज और काकद्वीप में मां काली की मूर्ति को जेल वैन में ले जाने से जुड़ा है।
सस्पेंड हुए अफसरों पर क्या हैं आरोप?
कालियागंज हिंसा के दौरान मृत्युंजय बर्मन की मौत के मामले में एएसआई (ASI) मोअज्जम हुसैन को निलंबित कर नई एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया गया है। वहीं, पूर्व आईपीएस पंकज दत्ता को परेशान करने के आरोप में पुलिस अधिकारी साधन दास और सुबर्णा दत्ता चौधरी को सस्पेंड किया गया है।
इसके अलावा, कृष्णनगर में विसर्जन के दौरान लाठीचार्ज करने पर इंस्पेक्टर अमलेंदु बिस्वास के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हुई है, जबकि काकद्वीप में काली मां की प्रतिमा को कथित तौर पर जेल वैन में ले जाने के मामले में आईपीएस अधिकारी कोटेश्वर राव को निलंबित किया गया है।
‘भरोसा बहाल करेगी सरकार’
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इन फैसलों से पुलिस व्यवस्था में जनता का भरोसा लौटेगा। सरकार का कहना है कि पिछली सरकार ने विरोध दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया था, जिस पर अब सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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