पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर अपनी सरकार की बर्खास्तगी के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान को शनिवार (नौ अप्रैल) को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव में मुंह की खानी पड़ सकती है। पार्टी ने घोषणा करते हुए कहा कि वह अगले कुछ दिनों में यह आंदोलन शुरू करने की योजना बना रही है, जिसमें हर मंच पर नई सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया जायेगा।
अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगे इमरान
पार्टी ने यह कहा कि वह राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं में अपने सांसदों के सामूहिक इस्तीफे पर भी विचार कर रही है। नेताओं ने हालांकि स्वीकार किया कि वे भी नये चुनाव होने से पहले चुनाव सुधारों के पक्ष में हैं और इसलिए, तत्काल इस्तीफा राजनीतिक रूप से एक खतरनाक निर्णय होगा। इस्तीफे से विपक्ष को अपनी पसंद के अनुसार संशोधन या कानून लाने की खुली छूट मिल जाएगी। पीटीआई ने कहा कि वह अपनी सरकार के खिलाफ ‘विदेशी साजिश’ की जांच के लिए एक आयोग गठित करने के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाने पर भी विचार कर रही है, जिसके बारे में कोई निर्णय उचित कानूनी परामर्श के बाद ही लिया जाएगा।
चुनाव की प्रक्रिया में सुधार लाएगी PTI
पीटीआई सूत्रों ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने जनता तक पहुंचने का फैसला किया है। जनता की राय के माध्यम से नयी सरकार पर चुनावी सुधार करने और नये आम चुनाव कराने के लिए दबाव डाला जाएगा और इमरान खान के नेतृत्व में उनके खिलाफ रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, यदि संभावित सरकार उनके खिलाफ झूठे मामले गढ़ती है या गिरफ्तारी करती है, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।


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