पाकिस्तान की एक अदालत ने सोमवार को पंजाब सरकार और आतंक रोधी विभाग (सीटीडी) को नोटिस जारी कर आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाले मुंबई हमले के मुख्य सरगना और जेयूडी प्रमुख हाफिज सईद की याचिका पर 28 अक्टूबर तक जवाब देने को कहा है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी हाफिज सईद को आतंकवाद को वित्तीय मदद मुहैया कराने के लिए 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। कड़ी सुरक्षा में उसे लाहौर की कोट लखपत जेल में रखा गया है। सुनवाई के बाद अदालत के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘लाहौर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मोहम्मद कासिम खान के नेतृत्व वाली पीठ ने सईद और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की।

अदालत ने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस के सीटीडी को नोटिस जारी कर मुद्दे पर 28 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने को कहा।’’ जमात उद दावा (जेयूडी) प्रमुख की ओर से पेश वकील ए के डोगर ने कहा कि आतंक के वित्तपोषण के लिए प्राथमिकी में नामजद सईद और 67 अन्य आतंकवादी नहीं है।
सईद का लश्करे तैयबा (एलईटी) या अलकायदा से कोई जुड़ाव नहीं है । असल में उनके मालिकाना हक वाली संपत्तियां मदरसे की है। वकील ने आतंक के वित्तपोषण के संबंध में सईद और अन्य के खिलाफ सभी 23 प्राथमिकी खारिज करने का अनुरोध किया।
अल-अनफान ट्रस्ट, दावतुल इरशाद ट्रस्ट, मुआज बिन जबाल ट्रस्ट आदि ट्रस्ट / गैर लाभकारी संगठनों (एनपीओ) के नाम पर बनायी गयी संपत्तियों के जरिए आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए धनराशि जमा करने पर लाहौर, गुजरांवाला और मुल्तान में मामले दर्ज किए गए थे ।


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