नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। सुरिंदर भगत को घाना रिपब्लिक में इंडिया का अगला हाई कमिश्नर नियुक्त किया गया है। 2007 बैच के आईएफएस भगत जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।
भगत से पहले मनीष गुप्ता 2023 से बतौर हाई कमिश्नर यहां मौजूद थे। विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी।
पिछले कुछ साल में घाना संग अपने रिश्तों को भारत ने बखूबी नया आयाम दिया है। इसका ही नतीजा है कि पिछले साल (जुलाई 2025) भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी अकरा पहुंचे और वहां द्विपक्षीय संबंधों को लेकर अहम बैठक की और कई समझौते किए।
पीएम मोदी को प्रतिष्ठित ‘द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ सम्मान से नवाजा गया था और उन्होंने द्विपक्षीय वार्ता के बाद संसद को संबोधित किया था। नरेंद्र मोदी घाना का दौरा करने वाले भारत के तीसरे प्रधानमंत्री थे। इससे पहले साल 1957 में पंडित जवाहरलाल नेहरू और साल 1995 में नरसिम्हा राव ने इस देश की यात्रा की थी। इसके 30 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने घाना का दौरा किया।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जॉन महामा दोनों ने एकांतिक और प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय प्रारूप में भेंट कर विभिन्न मसलों पर व्यापक चर्चा की थी। उन्होंने इस संबंध को व्यापक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर भी सहमति जताई थी।
घाना में वर्षों से यहां भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं। घाना में करीब 15 हजार भारतीय रहते हैं, जिनमें लगभग 3 हजार घाना की नागरिकता ले चुके हैं। कुछ ऐसे भी परिवार हैं, जो पिछले 50 वर्षों से ज्यादा समय से घाना में रह रहे हैं। यहां अधिकतर गुजराती और सिंधी समुदाय है।
घाना उन देशों में से एक है जिसने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का साथ दिया और एकजुटता व्यक्त की थी।
भारत मुख्य रूप से घाना से सोना (70 फीसदी हिस्सेदारी), कोको और काजू इम्पोर्ट करता है। भारत से फार्मास्यूटिकल्स, परिवहन उपकरण और कृषि मशीनरी एक्सपोर्ट होता है। भारतीय फर्मों ने घाना में 700 से अधिक परियोजनाओं में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया है। भारत सरकार ने घाना को 228.73 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की ऋण सहायता प्रदान की है। इसमें कोफी अन्नान सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
–आईएएनएस
केआर/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)






















