बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! 1 अप्रैल से शाम में महंगी और दिन में सस्ती मिलेगी बिजली

Bihar Electricity New Rule

Bihar Electricity New Rule: बिहार में बिजली बिल के लिए नया नियम लागू किया है। दरअसल बिजली विभाग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपयोग करने वाले 87 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की है। इस नई प्रणाली को ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ कहा जा रहा है। इसके तहत अब पूरे दिन बिजली की दर एक जैसी नहीं रहेगी, बल्कि समय के अनुसार बदलती रहेगी। यह नियम 1 अप्रैल से लागू होगा। स्मार्ट मीटर में लगा सॉफ्टवेयर यह रिकॉर्ड करेगा कि आप किस समय कितनी बिजली का उपयोग कर रहे हैं और उसी आधार पर आपके बैलेंस से पैसे कटेंगे।

Bihar Electricity New Rule: दिन में सस्ती बिजली का फायदा

नई व्यवस्था के अनुसार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय उपभोक्ताओं के लिए सबसे फायदेमंद रहेगा। इस अवधि में बिजली की कीमत सामान्य से कम होगी। अगर आप इस दौरान 100 रुपये की बिजली इस्तेमाल करते हैं, तो आपको केवल 80 रुपये ही चुकाने होंगे। यानी सीधे 20 प्रतिशत की बचत होगी।

इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि ज्यादा बिजली खपत वाले काम जैसे वॉशिंग मशीन चलाना, कपड़ों पर इस्त्री करना या पानी की मोटर चलाना इसी समय में करें। इससे बिजली बिल कम करने में मदद मिलेगी।

शाम के समय बढ़ेगी बिजली की कीमत

शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक का समय ‘पीक आवर्स’ माना गया है। इस दौरान बिजली की मांग सबसे ज्यादा रहती है, इसलिए इसकी दर भी बढ़ा दी जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं को इस समय 110 प्रतिशत तक भुगतान करना होगा, यानी सामान्य दर से अधिक पैसा देना पड़ेगा। वहीं, व्यापारिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए यह दर और अधिक होगी, जो 120 प्रतिशत तक जा सकती है। इसका उद्देश्य लोगों को शाम के समय कम बिजली इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है।

रात में सामान्य दर लागू

रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक बिजली की दर सामान्य रहेगी। इस समय उपभोक्ताओं को न तो अतिरिक्त पैसा देना होगा और न ही कोई छूट मिलेगी। यानी जितनी बिजली उपयोग करेंगे, उसी हिसाब से सामान्य दर पर भुगतान करना होगा। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए राहत भरी है जो देर रात तक काम करते हैं या रात में एसी, कूलर जैसे उपकरण चलाते हैं।

क्यों लागू की गई यह नई व्यवस्था?

बिजली विभाग के अनुसार, शाम के समय बिजली की मांग अचानक बहुत बढ़ जाती है। आमतौर पर यह मांग 4000 मेगावाट से बढ़कर 7000 मेगावाट तक पहुंच जाती है, जिससे बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ता है। इस समस्या को कम करने के लिए सरकार ने यह टाइम आधारित टैरिफ लागू किया है, ताकि लोग अपनी बिजली खपत को दिन के समय शिफ्ट करें और शाम के समय लोड कम हो।

स्मार्ट मीटर से मिलेगा बेहतर नियंत्रण

बिहार में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। अब तक लाखों घरों में ये मीटर लगाए जा चुके हैं और आगे चलकर 1.12 करोड़ उपभोक्ताओं को इस योजना में शामिल करने का लक्ष्य है। सरकार ने बिजली सब्सिडी में भी बढ़ोतरी की है ताकि आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े।

स्मार्ट मीटर अब सिर्फ मीटर नहीं, बल्कि एक तरह से आपका ‘बजट मैनेजर’ बन जाएगा, जो सही समय पर बिजली उपयोग करने में आपकी मदद करेगा। अगर उपभोक्ता समझदारी से बिजली का उपयोग करें, तो वे अपने बिल में अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं।

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