Delhi No PUC No Fuel: दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी दौड़ाने वालों के लिए जरुरी खबर है। अगर आप अपने साथ गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) लेकर नहीं चलते या फिर वो एक्सपायर हो गया है, तो आपकी मुश्किलें बढ़ सकती है। क्योंकि दिल्ली सरकार ने साफ़ कर दिया है कि अब पेट्रोल-डीजल लेने के लिए आपको पहले गाड़ी का ‘हेल्थ रिपोर्ट’ यानी PUC सर्टिफिकेट दिखाना होगा। दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए ये सख्त फैसला लिया है।
Delhi No PUC No Fuel: ‘NO PUC-NO FUEL’ लागू

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को निर्देश जारी किया है कि अब बिना वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा। सरकार का मानना है कि वाहनों से होने वाला धुआं प्रदूषण का मुख्य कारण है और इस कदम से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगाई जा सकती है। सरकार का कहना है कि जनता को स्वच्छ वातावरण देने के लिए ये बेहद जरुरी है और अब इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिल्ली में अब…
NO PUC-NO FUELराजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारी सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए यह फैसला लिया है कि दिल्ली में अब बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा।
सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती… pic.twitter.com/Z9WDxNAO4X
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 22, 2026
पेट्रोल पंप और गैस स्टेशनों को कड़े निर्देश
सरकार ने अब पेट्रोल पंप और गैस स्टेशनों को आदेश दिया गया है कि वे सिर्फ उन्हीं वाहनों को ईंधन दें जिनके पास वैध PUC सर्टिफिकेट हो। इस नियम का सख्ती से पालन कराकर प्रदूषण कम करने की कोशिश की जा रही है।
Delhi Fuel Policy: रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद PUC सर्टिफिकेट जरूरी

केन्द्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार, हर वाहन को रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद वैध PUC सर्टिफिकेट रखना जरूरी होता है। अब तक कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते थे, लेकिन अब बिना इस सर्टिफिकेट के गाड़ी में फ्यूल नहीं मिलेगा। पेट्रोल पंपों को इस नियम का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है, और जो इसका पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने अधिकारीयों को सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी लापरवाही और चूक कर कड़ी कार्रवाई होगी। सभी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इस ढांचे नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन जब्त करना और ज्यादा से ज्यादा जुर्माना लगाना शामिल है।






















