Preserving Punjabi Cultural Heritage : विश्व पंजाबी संगठन (डब्ल्यूपीओ) द्वारा आयोजित वैसाखी अवॉर्ड्स 2026 समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पंजाबी समुदाय की वैश्विक पहचान, योगदान और सांस्कृतिक विरासत को सराहते हुए कहा कि वैसाखी केवल फसल का त्योहार नहीं, बल्कि नवाचार, दृढ़ता और सामूहिक प्रगति का प्रतीक है। समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि 1998 में स्थापना के बाद से विश्व पंजाबी संगठन ने वैश्विक स्तर पर पंजाबी समुदाय को जोड़ने और उसकी समृद्ध संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने ‘पंजाबी पुनर्जागरण’ की अवधारणा को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि पंजाब ऐतिहासिक रूप से आर्थिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक दृष्टि से गतिशील केंद्र रहा है। देश-विदेश में बसे पंजाबी समुदाय ने व्यापार, उद्योग, कला, खेल और सार्वजनिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें भारतीय प्रवासी समुदाय को भारत और दुनिया के बीच मजबूत सेतु बताया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाबी समुदाय इस भूमिका को बखूबी निभाता आया है।
उपराज्यपाल ने सभी सम्मानित व्यक्तियों को बधाई दी
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों को सम्मानित करते हैं, बल्कि समाज में प्रेरणा और उत्कृष्टता की भावना को भी बढ़ावा देते हैं। साथ ही, यह बदलते वैश्विक परिदृश्य में व्यापार, तकनीक, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए अवसरों पर विचार करने का मंच भी प्रदान करते हैं।
उपराज्यपाल ने सभी सम्मानित होने वाले व्यक्तियों को बधाई देते हुए उनके समर्पण और उपलब्धियों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने विश्व पंजाबी संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था लगातार वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक और बौद्धिक संवाद को मजबूत कर रही है। समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिससे पंजाबी संस्कृति की जीवंतता और आधुनिक उपलब्धियों का संतुलन भी देखने को मिला।





















