चार साल में पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने 23 करोड़ से ज्यादा की कीमत के मोबाइल किए बरामद

गौतमबुद्धनगर, 19 जून (आईएएनएस)। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से चोरी एवं गुम हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी में बड़ी सफलता हासिल की गई है। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।

इसी क्रम में मोबाइल फोन चोरी और गुमशुदगी के मामलों में पुलिस की सक्रियता ने हजारों लोगों को राहत पहुंचाई है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 दिसंबर 2022 से 31 मई 2026 तक कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने कुल 7,809 चोरी और गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत 23 करोड़ 55 लाख 80 हजार 450 रुपए आंकी गई है।

विभिन्न कंपनियों के इन स्मार्ट फोन की बरामदगी के लिए पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीक, सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का प्रभावी उपयोग किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए मोबाइल फोनों को ट्रैक किया गया और उन्हें सफलतापूर्वक बरामद किया गया।

तकनीक आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता देने के कारण पुलिस को इस अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है। इससे न केवल लोगों की आर्थिक क्षति की भरपाई हुई है, बल्कि पुलिस के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत हुआ है। गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा बरामद किए गए मोबाइल फोनों को समय-समय पर ‘मिशन सहयोग’ अभियान के तहत उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा जाता रहा है। इस पहल के माध्यम से हजारों लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिले हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मिशन सहयोग केवल खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने का अभियान नहीं है, बल्कि यह जनसेवा, पारदर्शिता और जवाबदेह पुलिसिंग का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इस पहल ने पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी तकनीक आधारित पुलिसिंग को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा, ताकि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। पुलिस लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है कि चोरी और गुमशुदगी से संबंधित मामलों में लोगों को शीघ्र राहत मिले तथा उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

–आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी

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