Pahalgam Attack Mastermind Big Update: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए दर्दनाक आतंकी हमले को एक साल बीत चुका है। इस बीच हमले के पीछे की साजिश का सबसे बड़ा चेहरा सामने आ गया है। जांच एजेंसियों की गहन पड़ताल में उस शख्स की पहचान उजागर हुई है, जो पाकिस्तान में बैठकर कश्मीर में आतंकी हमलों की योजना बनाता है। इस मास्टरमाइंड का नाम साजिद जट्ट बताया जा रहा है, जो लश्कर-ए-तैयबा और TRF जैसे संगठनों से जुड़ा हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चौंकाने वाली बात यह है कि साजिद जट्ट अब अपने असली नाम और पहचान के साथ नहीं रह रहा। उसने अपनी पहचान बदल ली है और अलग-अलग नामों से पाकिस्तान में छिपकर रह रहा है। जांच में पता चला है कि उसका असली नाम हबीबुल्लाह तबस्सुम है। वह लगातार अपनी पहचान और हुलिया बदलकर एजेंसियों की नजरों से बचने की कोशिश कर रहा है।
Pahalgam Attack Mastermind Big Update: NIA की जांच में बड़ा खुलासा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी जांच में साजिद जट्ट उर्फ सैफुल्लाह साजिद को इस हमले का मुख्य आरोपी माना है। एजेंसी ने उसके ऊपर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। जांच के दौरान उसके कई दस्तावेज सामने आए, जिनसे उसकी असली पहचान और गतिविधियों का खुलासा हुआ। जांच में उसके दो अलग-अलग पहचान पत्र मिले हैं, जिनसे उसके झूठ का पर्दाफाश हुआ। एक पहचान पत्र 2015 का है, जिसमें उसका पता पाकिस्तान के कसूर जिले का बताया गया है और जन्म वर्ष 1976 दर्ज है।
वहीं दूसरे पहचान पत्र में उसका पता इस्लामाबाद के G-6 इलाके का है, जिसमें उसने अपनी उम्र कम दिखाकर जन्म वर्ष 1982 दर्ज कराया है। इन दस्तावेजों से साफ होता है कि वह लंबे समय से अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी जानकारी का इस्तेमाल कर रहा है।
Pahalgam Terror Attack: ISI की मदद से छिपा आतंकी
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI साजिद जट्ट को छिपने में मदद कर रही है। उसे सुरक्षित ठिकाने और नई पहचान देने में भी एजेंसी की भूमिका बताई जा रही है। यही कारण है कि वह अब किसी बड़े आतंकी कमांडर की तरह नहीं, बल्कि एक आम इंसान की तरह रह रहा है, ताकि किसी को उस पर शक न हो। रिपोर्ट्स के अनुसार, साजिद जट्ट रावलपिंडी के एक साधारण घर में रह रहा है। वह पुराने कपड़े पहनता है और एक साधारण की-पैड मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि उसकी असली पहचान छिपी रहे और वह किसी की नजर में न आए।
‘सलीम लंगड़ा’ बनकर रह रहा है आतंकी

खुफिया जानकारी के अनुसार, साजिद जट्ट ने पाकिस्तान में ‘सलीम लंगड़ा’ नाम से नई पहचान बनाई है। बताया जाता है कि एक मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी, जिसके कारण वह लंगड़ाकर चलता है। इसी कमजोरी को उसने अपनी नई पहचान का हिस्सा बना लिया है, ताकि वह एक आम और असहाय व्यक्ति जैसा दिखे। सूत्रों का कहना है कि साजिद जट्ट कई सालों तक जम्मू-कश्मीर में सक्रिय रहा है और वहां आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता रहा है। वह पाकिस्तान में बैठकर अपने नेटवर्क के जरिए हमलों की योजना बनाता है और उन्हें अंजाम दिलवाता है।
साल 2022 में उसके एक करीबी सहयोगी की पाकिस्तान में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद साजिद जट्ट काफी डर गया और उसने अपना ठिकाना बदल लिया। उसे एक बेहद गुप्त स्थान पर शिफ्ट किया गया, जहां उसकी जानकारी बहुत सीमित लोगों को ही है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह कसूर से लेकर रावलपिंडी और इस्लामाबाद तक कई जगहों पर रह चुका है। वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता है ताकि सुरक्षा एजेंसियों से बच सके।
Pahalgam Terror Attack Mastermind: कई हमलों का जिम्मेदार
कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों के पीछे साजिद जट्ट का दिमाग बताया जा रहा है। वह पर्दे के पीछे रहकर साजिशें रचता है और अपने नेटवर्क के जरिए उन्हें अंजाम दिलवाता है। जिस आतंकी ने मासूम लोगों पर हमला करवाया, वही अब अपनी जान बचाने के लिए छिपता फिर रहा है। उसे डर है कि कहीं वह भी उन हमलों का शिकार न बन जाए, जिनका सामना उसके साथियों ने किया है।
इस पूरी जांच ने साजिद जट्ट की असली पहचान और उसके नेटवर्क को उजागर कर दिया है। चाहे वह अपना नाम बदल ले या चेहरा छुपा ले, लेकिन अब उसकी साजिशों का सच सामने आ चुका है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार उसकी तलाश में जुटी हैं और माना जा रहा है कि जल्द ही उसे पकड़ने या खत्म करने की कार्रवाई तेज हो सकती है।
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