Amritsar News: अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे अमृतसर के अजनाला क्षेत्र में आज 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सरकारी डिग्री कॉलेज का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने लंबे समय तक आपसी सांठगांठ के जरिए पंजाब के संसाधनों को लूटा, सरकारी संस्थाओं को कमजोर किया और युवाओं को रोजगार की तलाश में विदेश जाने के लिए मजबूर किया।
Amritsar News: बाबा गमचुक्क जी महाराज के नाम पर होगा कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया कॉलेज आम आदमी पार्टी सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें शिक्षा को मजबूत कर युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं और पंजाब को दोबारा “रंगला पंजाब” बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस सरकारी कॉलेज का नाम सम्मानित संत बाबा गमचुक्क जी महाराज के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी आगे बढ़ाएगा।

CM Bhagwant Singh Mann: पंजाब को फिर से “रंगला पंजाब” बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार हर तरह की सुविधाएं और सहयोग प्रदान करेगी, लेकिन पंजाब को फिर से खुशहाल बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी पंजाबी अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य के लिए देश छोड़ने की मजबूरी न झेलनी पड़े।
विपक्ष पर बोल तीखा हमला
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों के बीच आपसी खींचतान इसलिए बढ़ रही है क्योंकि उनके पास जनता के लिए कोई सकारात्मक योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल केवल सत्ता में आने और संसाधनों को लूटने की सोच रखते हैं, लेकिन पंजाब की जागरूक जनता ऐसे नेताओं की सच्चाई को पहचानती है।
अवसरवादी राजनीति से सतर्क रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सत्ता के लालच में काम करने वाले नेताओं से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि ऐसी पार्टियों का मकसद हमेशा पंजाब और उसके लोगों का शोषण रहा है। समय आ गया है कि उन्हें पूरी तरह नकारा जाए, ताकि राज्य सरकार के विकास कार्यों का लाभ जनता तक पहुंचे। वहीं मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार लगातार आम आदमी क्लीनिक, स्कूल और कॉलेज खोल रही है। इसके साथ-साथ कई जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर विकास को नई गति दी जा रही है।

सीमावर्ती युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव बकरौर में सह-शिक्षा (को-एजुकेशनल) कॉलेज की आधारशिला रखी गई है। यह कॉलेज 15 एकड़ भूमि पर बनेगा और इस पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने गांव की पंचायत और निवासियों का आभार जताया, जिन्होंने इस परियोजना के लिए जमीन दान की।
50 गांवों के युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉलेज से आसपास के लगभग 50 गांवों के विद्यार्थियों को फायदा होगा। आने वाले वर्षों में यहां 2000 से अधिक छात्रों के दाखिले की संभावना है। इस कॉलेज में कला, विज्ञान, वाणिज्य, कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल शिक्षा जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह संस्थान विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्र की लड़कियों के लिए शिक्षा के नए अवसर खोलेगा और उनके भविष्य को मजबूत बनाएगा।
युवाओं के सपनों को साकार करने की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं के सपने बड़े हैं और सरकार उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार का फोकस वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के कल्याण पर है, ताकि पंजाब विकास और समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़े। वहीं मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिस गांव ने कॉलेज के लिए भूमि दान की है, वहां के विद्यार्थियों को इस कॉलेज में मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। यह कदम सामाजिक सहयोग और सम्मान का प्रतीक है।

प्रवासन रोकने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में फैली निराशा को खत्म करना जरूरी है, ताकि विदेश जाने की प्रवृत्ति कम हो। पिछली सरकारों ने इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज किया, लेकिन मौजूदा सरकार इसे दूर करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने योग्यता के आधार पर अब तक 63,000 से अधिक युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरियां दी हैं।
सीमावर्ती किसानों के लिए बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी सच्चे देशभक्त हैं और सरकार उनकी हर चिंता को समझती है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कांटेदार तार को आगे खिसकाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि पर खेती संभव हो सकेगी। पहले किसानों को बीएसएफ की निगरानी में कंटीली तार पार कर अपने खेतों तक जाना पड़ता था, लेकिन अब लंबे समय से लंबित इस मुद्दे पर प्रगति हुई है। वहीं कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सीमावर्ती जिले के युवाओं की किस्मत बदलने वाली है और यह दिन ऐतिहासिक है।

मनीष सिसोदिया का बयान
पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि अजनाला क्षेत्र में 70 किलोमीटर के दायरे में कोई कॉलेज नहीं था। यह कॉलेज लंबे समय से चली आ रही जनता की मांग को पूरा करता है और सरकार की वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल सहित कई पार्टी नेता और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सीमावर्ती युवाओं के लिए ऐतिहासिक पहल
बकरौर में सरकारी डिग्री और व्यावसायिक प्रशिक्षण कॉलेज की स्थापना से सीमावर्ती क्षेत्र के छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए 40 किलोमीटर दूर अमृतसर नहीं जाना पड़ेगा। इससे खासकर लड़कियों की पढ़ाई बीच में छूटने की समस्या खत्म होगी। यह कॉलेज आधुनिक सुविधाओं, कौशल आधारित शिक्षा, खेल ढांचे और रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रमों के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में सामाजिक समानता और युवा सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बनेगा।
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