क्या अमेरिका का अगला टारगेट है जर्मनी! ट्रंप की पोस्ट से पेंटागन में मची हलचल, अधिकारियों के पैरों तले खिसकी जमीन

Donald Trump Germany Troop Withdrawal

Donald Trump Germany Troop Withdrawal: ईरान से चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक हालिया बयान ने पेंटागन (Pentagon) में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह जर्मनी में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटाने या उन्हें वापस बुलाने पर विचार कर सकते हैं। इस बयान से कई रक्षा अधिकारी चौंक गए, क्योंकि उन्हें पहले से ऐसी किसी योजना की जानकारी नहीं थी। बताया जा रहा है कि ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद ही अधिकारियों को इस संभावित फैसले का पता चला।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के इस बयान ने अमेरिकी रक्षा तंत्र के भीतर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। हाल ही में पेंटागन ने दुनिया भर में तैनात सैनिकों की समीक्षा की थी, जिसमें यूरोप से बड़ी संख्या में सैनिक हटाने की कोई योजना सामने नहीं आई थी। ऐसे में यह नया बयान कई सवाल खड़े कर रहा है।

Donald Trump Germany Troop Withdrawal: पहले भी दे चुके हैं आदेश

Donald Trump Germany Troop Withdrawal
Donald Trump Germany Troop Withdrawal (Source: Social Media)

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा संकेत दिया हो। साल 2020 में भी उन्होंने जर्मनी से करीब 12,000 सैनिक हटाने का आदेश दिया था। हालांकि, उस समय यह फैसला पूरी तरह लागू नहीं हो पाया था। अब एक बार फिर उनके बयान से इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। जर्मनी में फिलहाल लगभग 35,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

ये सैनिक न केवल अमेरिका के हितों की रक्षा करते हैं, बल्कि NATO की सुरक्षा व्यवस्था में भी अहम भूमिका निभाते हैं। अगर इन सैनिकों को हटाया जाता है, तो रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों की सैन्य ताकत कमजोर पड़ सकती है। यही वजह है कि यूरोपीय देशों में इस बयान को लेकर चिंता बढ़ रही है।

जर्मनी के साथ तनातनी

यह बयान ऐसे समय आया है जब जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने अमेरिका की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका कमजोर नजर आ रहा है। इसके बाद ट्रंप ने जर्मनी की आलोचना करते हुए कहा कि उसे रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप की समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। ट्रंप ने स्पेन और इटली जैसे देशों से भी सैनिक हटाने की बात कही है, यह कहते हुए कि ये देश अमेरिका का पर्याप्त सहयोग नहीं कर रहे हैं। एक्स्पर्ट्स का मानना है कि जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों को हटाना आसान काम नहीं है।

वहां अमेरिका के कई बड़े सैन्य अड्डे मौजूद हैं, जिनमें यूरोप और अफ्रीका के लिए कमांड सेंटर शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिका के बाहर का सबसे बड़ा सैन्य अस्पताल भी जर्मनी में ही स्थित है। इतने बड़े स्तर पर सैनिकों, उनके परिवारों और सैन्य उपकरणों को दूसरी जगह शिफ्ट करना काफी महंगा और जटिल प्रक्रिया है।

Donald Trump News: कानूनी और राजनीतिक अड़चनें

Donald Trump News
Donald Trump News (Source: Social Media)

अमेरिका के कई सांसद भी इस मुद्दे पर सावधानी बरतने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह का फैसला लेने से पहले इसके सुरक्षा प्रभावों को अच्छी तरह समझना जरूरी है। इसके अलावा, एक कानून के तहत यूरोप में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या 76,000 से कम नहीं की जा सकती, जब तक इसके असर का पूरा मूल्यांकन न हो जाए।

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