Ganga Expressway Tourism Benefits: गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला, ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है, जिससे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्र एक हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जुड़ जाते हैं। इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय 10 से 12 घंटे से घटकर लगभग छह घंटे तक हो जाएगा।
Ganga Expressway Tourism Benefits: पर्यटन को नई रफ्तार
गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण होने के साथ उत्तर प्रदेश में विकास, आस्था और पर्यटन को नई रफ्तार मिल गई है। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे केवल यातायात का आधुनिक मार्ग नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़ने वाला मजबूत आध्यात्मिक कॉरिडोर बन चुका है। जिससे यात्रा का समय लगभग 6 घंटे होने के साथ ही कई तीर्थ स्थलों तक जाना आसान हो जाएगा।
Uttar Pradesh Tourism: धार्मिक पर्यटन पर गंगा एक्सप्रेसवे का असर

गंगा एक्सप्रेसवे लंबी कनेक्टिविटी के साथ ही यात्रा में सबसे अहम समय की बचत भी करेगा। बता दें कि धार्मिक पर्यटन पर इसका असर पड़ेगा जिससे कई प्रसिद्ध स्थल सीधा जुड़ जाएंगे जिसमें गढ़मुक्तेश्वर, कल्कि धाम, बिल्हा देवी धाम, चंद्रिका देवी मंदिर, त्रिवेणी संगम जाना आसान हो जाएगा। इन प्रसिद्ध मंदिरों में लाखों भक्त दर्शन करने के लिए आते है और गंगा एक्सप्रेसवे से जाना आसान हो गया है।
Pilgrimage Place Connectivity: लॉजिस्टिक्स गलियारों का विकास
गंगा एक्सप्रेसवे को एक बड़े आर्थिक गलियारे के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके रास्ते में पड़ने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर जमीन पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स गलियारों का विकास किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स की लागत को कम करेगा, सप्लाई चेन की क्षमता को बेहतर बनाएगा और मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
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