Iran Zanjan Explosion: ईरान और अमेरिका सीजफायर के बाद भी खतरा टला नहीं है और मलबे में दबे बम अभी भी काल बने हुए है। इस दौरान उत्तर पश्चिमी ईरान में गोला-बारूद हटाने के अभियान के दौरान भीषण विस्फोट हो गया जिसमें ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के 14 सदस्य मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। बता दें कि यह घटना ज़ंजन शहर में एक विशेष अभियान के दौरान बिना फटे बमों के फटने से घटी।
Iran Zanjan Explosion: कलस्टर बम भी शामिल

ईरान में क्लियेरंस के दौरान क्षेत्र में बचे हुए गोला-बारूद को हटाने और निष्क्रिय करने का काम सेना का जवानों को सौंपा गया था क्योंकि यह नागरिकों और कृषि भूमि के लिए लगातार सुरक्षा खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में लगभग 1,200 हेक्टेयर कृषि भूमि बिना फटे गोला-बारूद की मौजूदगी के कारण खतरे में है। जिसमें कलस्टर बम भी शामिल बताए जा रहे है।
अशांति फैलाने की रणनीति
इससे पहले, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन ने विश्व की ऊर्जा का प्रबंधन करने की रणनीति से हटकर अशांति फैलाने की रणनीति अपना ली है, और ईरान अब अशांति विरोधी गठबंधन का केंद्र बन गया है। यह व्यवधान परियोजना अमेरिका द्वारा चीन, रूस और यूरोप को नियंत्रित करने के लिए शुरू की गई थी।
Iran Zanjan Explosion: ईरान तबाह हो रहा है

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक कमज़ोर हो गई है, और ईरानी नेतृत्व भी कमज़ोर पड़ गया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान तबाह हो रहा है, उनके पास नौसेना नहीं है, वायुसेना नहीं है, विमानरोधी उपकरण नहीं हैं, रडार नहीं है साथ ही उनके पास नेता नहीं हैं, सभी नेता जा चुके हैं।
ALSO READ: ईरान संघर्ष में मध्य एशिया स्थित कई अमेरिकी सैन्य अड्डे पूरी तरह बर्बाद: रिपोर्ट























