आज के समय में हम जो मंदिर देखते हैं, उसका निर्माण सरदार वल्लभ भाई पटेल ने करवाया था। साल 1955 में भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसका उद्घाटन किया। इतिहास में विदेशी हमलावरों ने इस मंदिर को कई बार नुकसान पहुंचाया, लेकिन हर बार हिंदू राजाओं ने इसे फिर से खड़ा किया।
Somnath Temple Tour Guide: लाइट एंड साउंड शो

मंदिर के गौरवशाली इतिहास और लोककथाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए यहां हर शाम 07:30 से 08:30 बजे तक ‘लाइट एंड साउंड शो’ दिखाया जाता है। आस्था का बड़ा केंद्र होने के साथ-साथ यहां कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। यह मंदिर श्राद्ध और नारायण बलि जैसे धार्मिक कार्यों के लिए बहुत प्रसिद्ध है, खासकर चैत्र, भाद्रपद और कार्तिक के महीनों में। सोमनाथ मंदिर तीन पवित्र नदियों- हिरण्य, सरस्वती और कपिला के संगम पर स्थित है।
इस त्रिवेणी संगम में स्नान करने के लिए देशभर से श्रद्धालु यहां आते हैं। अगर आप भी इस बार सोमनाथ दर्शन का प्लान बना रहे हैं, और ये सोच रहे कि Somnath Temple Kaise Jaye? तो ये लेख आपकी मदद करेगा। यहां पर दिल्ली से सोमनाथ जानें के लिए आसान टूर गाइड दी गई है।
Delhi to Somnath Train: ट्रेन से सोमनाथ कैसे पहुंचें?

सोमनाथ मंदिर के लिए निकटतम स्टेशन वेरावल रेलवे स्टेशन है, जो मंदिर से 7 किमी की दूरी पर है। यहां से आप 15-20 मिनट में टैक्सी या ऑटो-रिक्शा से मंदिर पहुंच सकते हैं। दिल्ली से सोमनाथ जाने के लिए ट्रेन एक सस्ता और सेफ ऑप्शन है। आप इन 2 मुख्य ट्रेनों से यात्रा कर सकते हैं।
- जबलपुर – वेरावल (सोमनाथ) एक्सप्रेस (11464)
- दिल्ली हापा एक्सप्रेस (19204)
Gujarat Somnath Temple Tour Guide: बुकिंग और सुविधा
आप IRCTC या बुक माई ट्रिप या दूसरे ट्रैवल ऐप के जरिए अपनी टिकट बुक कर सकते हैं। स्लीपर से लेकर फर्स्ट एसी तक की सुविधा उपलब्ध होती है। दिल्ली से यहां पहुंचने में लगभग 24 से 26 घंटे का समय लगता है।
Somnath Temple Opening Timings: मंदिर के दर्शन और आरती का समय

श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट इस समय खोले जाते हैं:
- दर्शन का समय: सुबह 06:00 बजे से रात 10:00 बजे तक।
Somnath Temple Aarti Timings कुछ इस प्रकार से हैं:
- सुबह 07:00 बजे
- दोपहर 12:00 बजे
- शाम 07:00 बजे
आस-पास के दर्शनीय स्थल

अगर आप सोमनाथ जा रहे हैं, तो इन जगहों पर भी घूम सकते हैं:
- सोमनाथ बीच और चोरवाड़ बीच
- पंच पांडव गुफा
- लक्ष्मीनारायण मंदिर
- सूरज मंदिर और अहिल्या बाई का मंदिर
ठहरने की व्यवस्था



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