मांडविया ने कहा- बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक हर व्यक्ति की सुगम पहुंच बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध - Latest News In Hindi, Breaking News In Hindi, ताजा ख़बरें, Daily News In Hindi

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मांडविया ने कहा- बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक हर व्यक्ति की सुगम पहुंच बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मंत्री ने कहा कि आज देश में 800 लोगों पर एक डाक्टर है तथा आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की निशुल्क उपचार की सुविधा मिलना बहुत बड़ी बात है।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक हर व्यक्ति की पहुंच सुगम बनाने को लेकर सरकार की प्राथमिकता जताते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को कहा कि आज देश में 800 लोगों पर एक डाक्टर है तथा आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ेगी।स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार बनाने के प्रावधान वाले एक निजी विधेयक पर राज्यसभा में हुई चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए मांडविया ने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य के प्रति सजगता के परिणाम स्वरूप देश में कोविड काल में समय रहते टीके बनाए गए और न केवल देशवासियों को ये टीके लगे बल्कि अन्य देशों को भी ये टीके दिए गए।
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कोविड काल में भारतीय वैज्ञाानिकों ने न केवल देश में टीका 
मंत्री ने कहा कि आज देश में 800 लोगों पर एक डाक्टर है तथा आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की निशुल्क उपचार की सुविधा मिलना बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि देश में हर व्यक्ति को अपनी क्षमता पहचाननी होगी। उन्होंने कहा, ”पहले बेहतर अनुसंधान के परिणाम भारत तक पहुंचने में लंबा समय लगता था। लेकिन कोविड काल में भारतीय वैज्ञाानिकों ने न केवल देश में टीका बनाया बल्कि देश में ही टीके लगाने की तमाम सुविधाएं जैसे सिरिंज, निडल आदि की व्यवस्था की गई। कोविड काल में इनमें से किसी चीज की कमी नहीं हुई।”
 मांडविया ने कहा-  इसके तहत पांच साल में 64 हजार करोड़ रुपये खर्च 
मांडविया ने कहा कि कोविड प्रबंधन को लेकर पूरी दुनिया ने भारत की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड काल में मिले सबक के आधार पर सरकार ने हर जिले में स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है ताकि आगे कभी जरूरत पड़ने पर आपात स्वास्थ्य स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने कहा, ”इसके तहत पांच साल में 64 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिसमें प्रयोगशालाओं की स्थापना से लेकर अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना शामिल है।” उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हर व्यक्ति का पूरा ब्योरा आनलाइन उपलब्ध होगा जिससे अंतत; इलाज में ही मदद मिलेगी। साथ ही इलाज एवं उसके रिकार्ड की गोपनीयता भी बरकरार रहेगी।
सरकार ने सबसे पहले स्वास्थ्य बजट को 53 प्रतिशत बढ़ाया
मांडविया ने कहा कि स्वच्छता के लिए चलाया जा रहा स्वच्छ भारत अभियान तथा नल जल योजना बेहतर स्वास्थ्य के लिए मददगार हैं। उन्होंने कहा कि हर दिन करीब 20 लाख लोग जन औषधि केंद्रों से दवाएं लेते हैं।उन्होंने कहा कि यह विधेयक पेश करने वाले राजद सदस्य मनोज झा की इस बात से वह सहमत हैं कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पाने का अधिकार हर नागरिक का है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में जो मांग की गई है उस पर सरकार लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा ” एक समृद्ध देश के लिए स्वस्थ समाज का होना बहुत जरूरी है। हमारी सरकार ने सबसे पहले स्वास्थ्य बजट को 53 प्रतिशत बढ़ाया। 2014 में यह बजट 33 हजार करोड़ रुपये था जो बढ़ कर 2018-19 में 52 हजार करोड़ रुपये हो गया। 2019-20 में 62 हजार करोड़ रुपये, 2021-22 में 71 हजार करोड़ रुपये तथा फिर यह 83 हजार करोड़ रुपये हो गया। 2017 में हम स्वास्थ्य नीति ले कर आए।”उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी के लिए इन योजनाओं की वजह से इलाज कराना आज आसान हो गया है।उन्होंने कहा कि एक लाख 22 हजार आरोग्य केंद्र बन चुके हैं तथा इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी मंच भी बेहद मददगार साबित हुआ है।मंत्री ने एक स्पष्टीकरण का जवाब देते हुए कहा कि मंकीपॉक्स के टीके को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

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