आजादी के बाद पहली बार बनेगी एयरफोर्स की नई शाखा, 3,400 करोड़ रुपये से अधिक की होगी बचत

भारतीय वायु सेना की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार की सुबह वायुसेना स्टेशन चंडीगढ़ में औपचारिक परेड का आयोजन किया गया।

भारतीय वायु सेना की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार की सुबह वायुसेना स्टेशन चंडीगढ़ में औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने परेड का निरीक्षण किया, जिसके बाद मार्च पास्ट किया गया। कार्यक्रम में चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारतीय वायुसेना में अधिकारियों के लिए वेपन सिस्टम विंग की स्थापना को मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार वायु सेना में एक नया ऑपरेशनल विंग बनाया जा रहा है।
कई अन्य वरिष्ठ वायु सेना अधिकारी उपस्थित
एयर चीफ मार्शल ने दावा किया कि इस शाखा के बनने से सरकार को उड़ान प्रशिक्षण की लागत में कटौती करके 3,400 करोड़ रुपये से अधिक की बचत करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर पश्चिमी वायु कमान के एयर-ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, एयर मार्शल श्रीकुमार प्रभाकरन और कई अन्य वरिष्ठ वायु सेना अधिकारी उपस्थित थे।
झील परिसर में फ्लाई पास्ट में लेंगे हिस्सा 
वायु सेना प्रमुख जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो विंग कमांडर विशाल जैन के नेतृत्व में तीन एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टरों ने फ्लाई पास्ट करते हुए भारतीय ध्वज का प्रदर्शन किया। सुखना झील परिसर में वायु सेना दिवस फ्लाई पास्ट में लगभग 80 सैन्य विमान और हेलीकॉप्टर भाग लेंगे। यह पहली बार है जब भारतीय वायु सेना दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के बाहर अपनी वार्षिक वायु सेना दिवस परेड और फ्लाई-पास्ट का आयोजन कर रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सुखना झील परिसर में फ्लाई पास्ट में हिस्सा लेंगे।

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