उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के लिए 14 दिन के होम क्वारंटीन को अनिवार्य किया है। वहीं क्वारंटीन का पालन न करने वालों पर के खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्यवाई भी कर रहा है। इसी के मद्देनजर राज्य पुलिस ने मक्का से वापस लौटे 35 लोगों के खिलाफ होम क्वारंटीन रहने के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में मामजा दर्ज किया है।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थाना अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे। सभी लोगों की 20 मार्च को वतन वापसी हुई थी। उमरा करने वाले सभी यात्री विमान से सऊदी अरब से मुंबई पहुंचे थे। जहां पर जांच के बाद सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मोहर लगाई गई थी। इन लोगों को घरों में पृथक रहने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे से बाहर निकलने के बाद सभी लोगों ने मोहर को खास स्प्रे से छुड़ा दिया और लगातार पुलिस को गुमराह करते हुए पीलीभीत पहुंच गए। उन्होंने बताया कि यहां पर इनकी दोबारा जांच होनी थी लेकिन इन्होंने निशान मिटा कर लोगों को चकमा दे दिया। उन्होंने बताया कि बाद में इनमें से एक मां और बेटे के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि के बाद सारे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
अमरिया के थाना अध्यक्ष उदयवीर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें कोरोना संक्रमित माँ और बेटे का नाम भी शामिल है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि सूबे की सीमा में दाखिल होने वाले हर शख्स को 14 दिनों तक क्वारांटाइन अथवा आइसोलेशन में अनिवार्य रूप से रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कोरोना के बचाव के लिये गठित टीम 11 के साथ हालात की नियमित समीक्षा के बाद लोगों को आश्वस्त किया कि लाकडाउन अवधि में किसी का भी वेतन उसका नियोक्ता नहीं काटेगा।


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