ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आशंका से दुनिया एक बार फिर हिल गई है। दोनों देशों के बीच युद्धविराम अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ी चेतावनी दी है, जिसने एक बार फिर दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान उनकी हत्या करने की जरा सी कोशिश भी की तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा, जिसे पूरी दुनिया देखेगी।
उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की किसी भी हालात से निपटने के लिए वह पहले ही अमेरिकी सेना को सब कुछ बता चुके हैं। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान लंबे समय से मुझे निशाने पर रखा हैं, लेकिन फिलहाल उनके खिलाफ किसी नए हमले की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उनके इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान जंग तेज होने के आसार दिखने लगे हैं।
सीजफायर के बाद फिर क्यों शुरू हुई लड़ाई?
बता दें कि कुछ समय पहले ही दोनों देशों के बीच जंग रोकने की कोशिश हुई थीं और सीजफायर की भी बात दुनिया के सामने आई थी। लेकिन उसके बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका। दो दिनों से लगातार दोनों देश एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। अमेरिका ने ईरान से जुड़े कई ठिकानों पर बमबारी की, जबकि जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। ऐसे हालात में ट्रंप की यह चेतावनी आने से एक बार फिर संभावना जताई जा रही है कि स्थिति दोबारा खराब हो सकती है।
देखें दोनों देशों के ताजा हालात

बता दें कि अमेरिका ने अपने सैन्य ठिकानों और नेताओं की सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत कर ली है। वहीं, मिडिल ईस्ट में भी सैन्य गतिविधियों पर अमेरिका के करीबी की खास नजर है। दूसरी तरफ, ईरान ने ट्रंप के ताजा बयान पर जबावी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने जबावी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने चेताया कि अगर अमेरिका पिछले महीने हुए समझौते (एमओयू) से हाथ खड़ा करता है या धोखा देता है, तो ईरान पूरी ताकत से अमेरिका को जवाब देगा। हालांकि दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब होते हुए दिख रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच किस बात की लड़ाई है?
मालूम हो कि अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी ताजा नहीं है, बल्कि कई सालों पुरानी है। ईरान के परमाणु शक्ति, बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास, मिडिल एशिया में बढ़ता प्रभाव और इजरायल को लेकर दोनों देशों की अलग-अलग नीतियां इस लड़ाई की सबसे बड़ी वजह बताई जाती हैं। यही कारण है कि समय-समय पर दोनों देशों के बीच हमले होते रहते हैं। फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील है। ऐसे में ट्रंप की तरफ से ऐसा बयान आना ये सिर्फ एक राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि उस जंग की याद भी दिलाता है जो अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई।























