भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवाद से शुरू हुई यह पार्टी जातिवाद के रास्तों से गुजरते हुए परिवारवाद पर आकर समाप्त हो चुकी है। भाजपा के प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजीव रंजन ने आज कहा ‘‘ समाजवाद से शुरू हुई श्री लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक यात्रा जातिवाद के रास्तों से गुजरते हुए परिवारवाद पर आकर समाप्त हो चुकी है, जिसे बिहार के लोग अच्छे से जानते हैं।
इनके लिए विकास कभी कोई मुद्दा रहा ही नहीं, जिसे यह कभी खुलेआम स्वीकारते भी थे। कुछ दिनों तक इनके झांसे में फंसने के बाद लोग जान गये कि जातिवाद से उनका पेट नहीं भरने वाला। यही वजह है कि जनता ने इन्हें लंबे अरसे से सत्ता से बाहर रखा हुआ है।’’ श्री रंजन ने कहा कि पिछले दिनों राजद नेताओं की ओर से जाति-धर्म की राजनीति न करने का दावा वैसा ही है, जैसे भ्रष्टाचार के आरोप में गले तक फंसे हुए कुछ नेताओं का खुद को निर्दोष और ईमानदार बताना।
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उन्होंने कहा कि बिहार के किसी छोटे से बच्चे से भी यदि बिहार के सबसे बड़ी जातिवादी दल के बारे में पूछें तो वह छुटते ही राजद का नाम लेगा। बिहार में जाति और धर्म के नाम पर समीकरण बनाना और इनके नाम पर लोगों को लड़वा कर सत्ता हासिल करने वालों में राजद का नाम सबसे ऊपर है। भाजपा नेता ने कहा कि राजद के राज में जाति के नाम पर होने वाले नरसंहारों को याद कर अभी भी बिहारवासियों के रोंगटे खड़ हो जाते हैं।
लोगों को अभी भी याद है कि कैसे राजद के राज में जाति और धर्म देख कर मनचाही पोसि्टंग और ठेके दिए जाते थे। अभी भी सोशल मीडिया पर जाति की महिमा गाते हुए इनके सर्वोच्च नेताओं के कई वीडियो देखने को मिल जायेंगे। दरअसल इनकी राजनीति में से जाति और धर्म निकाल दें तो इनके पास कुछ बचता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि राजद नेता यह जान लें कि इनकी यह सारी हकीकत बिहार की जनता भली-भांति जानती है इसलिए उनको बरगलाने की इनकी कोई कोशिश कभी कामयाब नहीं होने वाली है।


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