Kangana Ranaut on Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया भाषण को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने कहा कि राहुल का भाषण सुनना उनके लिए काफी कठिन और थकाने वाला अनुभव रहा। उन्होंने इसे “सिरदर्द जैसा” बताते हुए कहा कि राहुल गांधी अपनी बातों को स्पष्ट और सीधे तरीके से रखने के बजाय अपने बचपन के अनुभवों और निजी किस्सों से जोड़कर पेश कर रहे थे, जिससे उनकी बातों को समझना मुश्किल हो गया। कंगना रनौत ने आगे कहा कि राहुल गांधी का भाषण गंभीर राजनीतिक मुद्दों से हटकर व्यक्तिगत बातों और बचपन की यादों पर केंद्रित था।
कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल अपने बचपन के ट्रॉमा और जादू के शो जैसी बातों का जिक्र कर रहे थे, जो संसद जैसे गंभीर मंच के लिए उचित नहीं है। कंगना के मुताबिक, इस तरह की बातें न सिर्फ विषय से भटकाती हैं बल्कि चर्चा को भी कमजोर बनाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब सदन के स्पीकर ने राहुल गांधी को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि आपको मजे आएंगे। आप मजे लो। दुनिया देख रही है, पूरा देश देख रहा है। उन्होंने संसद भवन का मजाक बनाकर रखा है।”
Kangana Ranaut on Rahul Gandhi: संसद की गरिमा पर दिया जोर
#WATCH दिल्ली: लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लोकसभा में भाषण पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, “उन्हें सुनना सिरदर्द है… उन्होंने अपने बचपन के जादूगर के शो के बारे में बात की। अध्यक्ष ने भी कहा कि आप ये बंद करिए तो उन्होंने कहा कि आपको मजे आएंगे। आप मजे… pic.twitter.com/82yB05pgND
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 17, 2026
कंगना रनौत ने संसद की गरिमा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह जगह गंभीर नीतिगत और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए है। अगर यहां व्यक्तिगत अनुभवों या गैर-जरूरी बातों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, तो इससे लोकतंत्र की छवि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने सभी नेताओं से अपील की कि वे अपनी बात को जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ रखें।
महिला आरक्षण बिल-परिसीमन पर विपक्ष को लगाई लताड़
इससे पहले कंगना रनौत ने महिला आरक्षण बिल और परिसीमन के मुद्दे पर भी विपक्ष की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष हर मुद्दे पर अनावश्यक विरोध करता है और इस मामले में भी वही रवैया अपनाया जा रहा है। कंगना के अनुसार, महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता सब देख रही है और समझ रही है कि कौन किस मुद्दे पर कितना गंभीर है। कंगना ने विपक्ष से अपील की कि यदि वे वास्तव में महिलाओं के अधिकारों को लेकर संवेदनशील हैं, तो उन्हें इस बिल का समर्थन करना चाहिए।
हेमा मालिनी ने भी उठाए सवाल
भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने भी राहुल गांधी के भाषण पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह एक स्क्रिप्ट के साथ बोलते हैं। मैं यही कह सकती हूं कि यह मनोरंजक था लेकिन इसमें कुछ ठोस नहीं था। प्रधानमंत्री को जादूगर कहना सही नहीं है। यह असंसदीय है। हर कोई गंभीरता से चर्चा कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी कुछ कहते हैं, और फिर यह मज़ाक बन जाता है, सारी गंभीरता खत्म हो जाती है।
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