पटना : करोड़ों रूपये के चारा घोटाला मामले में जेल की सजा काट रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के सुरक्षागार्ड को बिहार सरकार द्वारा वापस बुलाए जाने पर उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखा और कहा कि यदि उनके और उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी गृह विभाग और विभागीय मंत्री (नीतीश कुमार) की होगी।
राबड़ी ने नीतीश को पत्र लिखते हुए अपनी और अपने दोनों पुत्रों बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और विधायक तेजप्रताप यादव की सुरक्षा में लगे जवानों को आज लौटाते हुए कहा है कि यदि उनके और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी गृह विभाग और विभागीय मंत्री (नीतीश कुमार) की होगी।
उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते हुए होटल टेंडर मामले को लेकर सीबीआई द्वारा कल पटना के दस सर्कुलर स्थित सरकारी आवास पर राबड़ी और तेजस्वी से दिन में पूछताछ की गयी थी और कल रात राबड़ी के आवास पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया गया था।
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ईर्ष्यावश बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता के नाते कैबिनेट मंत्री के समान प्राप्त अधिकारों को दरकिनार करते हुए सरकारी आवास ख़ाली करने का नोटिस निर्गत करवाने और उनके परिवार की सुरक्षा कटौती के लिए दूत भेजने का आरोप लगाया था।
राबड़ी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा,‘‘ मेरे और मेरे परिवार के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी गृह विभाग एवं गृह विभाग के मंत्री की होगी।’’ बाद में पत्रकारों से बातचीत में राबड़ी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर ऐसा करके लालू परिवार को खत्म की साजिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उनकी सुरक्षा भगवान और प्रदेश की जनता के भरोसे है।
उन्होंने कहा कि उनकी एवं उनके परिवार की सुरक्षा अब बिहार की जनता एवं कार्यकर्ता करेंगे। बिहार विधानपरिषद में राजद सदस्य सुबोध कुमार ने राबडी और तेजस्वी की सुरक्षा में कटौती किए जाने को उन्हें अपमानित करने वाली कार्रवाई की संज्ञा देते हुए आज प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा में लगे तीन जवानों को वापस लौटा दिया है।
राजग छोडकर हाल ही में राजद के साथ हाथ मिलाने वाले हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आज राबड़ी के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की और बाद में पत्रकारों से कहा कि यह ऐसे समय में किया गया है जब लालू के बड़े पुत्र की शादी है।
इस बीच अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एस के सिंघल ने आज स्पष्ट किया कि उनकी (राबडी देवी ) सुरक्षा व्यवस्था न तो हटायी गयी है और न ही उसमें किसी प्रकार की कमी या कटौती की गयी है। केवल पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के साथ प्रतिनियुक्त बीएमपी के बल को उनके न्यायिक हिरासत में रहने के फलस्वरूप वापस किया गया है। वहीं बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि जिसके ऊपर आरोप तय हो गया है और जो व्यक्ति जेल के भीतर है उसको सुरक्षा की क्या जरूरत है। संविधान यह नहीं कहता कि जिसको सजा हो जाए उसे भी सुरक्षा गार्ड मिले। सरकार नियम कानून से चलती है और कानून अपना काम करता है उसके दायरे में यह कार्रवाई हुई है।
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