रायपुर : प्रदेश में शिक्षा कर्मियों के संविलियन के बाद रमन सरकार ने निर्णय को अमलीजामा पहनाने की कोशिशें शुरू कर दी है। इस मामले में नए सिरे से कार्यवाही शुरू की गई है। वहीं विभागीय सचिव के जरिए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को शिक्षा कर्मियों के अपडेट के साथ क्रियान्यवन के लिए कहा गया है।
चुनावी दौर में सरकार आचार संहिता प्रभावी होने से पहले ही लागू करने के मूड में नजर आ रही है। इसके तहत 8 साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षा कर्मियों को अब आगामी माह से वेतन का भुगतान कोषालय से होगा। इसके लिए ई-कोष को दुरूस्त करने निर्देशित किया गया है। वहीं पात्रता के साथ दायरे में आने वाले शिक्षा कर्मियों के डाटाबेस तैयार कर लिए जाएंगे। इसके अलावा शिक्षक पंचायत संवर्ग का डीडीओ स्तर पर ई कोष के जरिए इंट्री संभव होगी।
इसके लिए विधिवत आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। वहीं निचले स्तर पर प्राचार्यों समेत अन्य कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। साथ ही अब शिक्षा कर्मियों की वरिष्ठता भी तय होगी। वहीं आठ साल की सेवा पूरी करने वालों की वरिष्ठता सूची भी तैयार होगी। इसमें वर्ग एक के व्याख्याता और सहायक शिक्षकों की ग्रेडेशन सूची के साथ भविष्य में पदोन्नति का फायदा मिल पाएगा।
यह प्रक्रिया भी आगामी माह के पहले सप्ताह पूरी कर ली जाएगी। शिक्षा कर्मियों की सेवा पुस्तिका अपडेट करने के साथ पूरी कार्यवाही को अमलीजामा पहनाया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि शिक्षा कर्मियों के मामले में अब जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। चुनाव में किसी तरह की खामियां छोड़ने के मूड में सरकार नहीं है। वहीं शिक्षा कर्मियों के समर्थन की उम्मीद के साथ कयास भी लगाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में सरकार को विभिन्न वर्गों की नाराजगी के बाद नए सिरे से फायदे की संभावना है।
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