US Women Raped in Coorg: कर्नाटक के कुर्ग हिल स्टेशन में एक अमेरिकी महिला के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यह घटना वहां के एक होमस्टे की है। विदेशी महिला का आरोप है कि विराजपेट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुट्टा गांव के एक होमस्टे में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। आरोपी की पहचान वृजेश कुमार के रूप में हुई है, जो झारखंड का रहने वाला है और होमस्टे में काम करता है। उसने कथित तौर पर विदेशी महिला को ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर, उसके साथ रेप किया।
आरोपी वृजेश कुमार गिरफ्तार
कथित यौन उत्पीड़न की घटना पोन्नमपेट तालुक के कुट्टा गांव में एक निजी होमस्टे में हुई और कुछ समय बाद इसका खुलासा हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला ने 19 अप्रैल को देवी विला’ नामक होमस्टे में चेक-इन किया था, जहां वृजेश कुमार ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया था।
US Women Raped in Coorg: महिला के साथ दुष्कर्म के बाद वाईफाई बंद कर दिया

जानकारी के अनुसार, होमस्टे के मालिक ने कथित तौर पर तीन दिनों तक वाई-फाई बंद रखा था, जिससे पीड़िता किसी से संपर्क नहीं कर सकी। जब वाई-फाई दोबारा शुरू हुआ, तो वह मैसूरु जाने का बहाना बनाकर होमस्टे छोड़कर निकल गई। इसके बाद उसने पूरी घटना की जानकारी अमेरिकी दूतावास को दी। अमेरिकी अधिकारियों ने ईमेल के जरिए मैसूरु पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद मामला औपचारिक रूप से दर्ज किया गया।
होमस्टे का मालिक भी हिरासत में
शिकायत मिलने के बाद कुट्टा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। आरोपी वृजेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसी घटना के सिलसिले में होमस्टे के मालिक विशाल को भी मामले से जुड़े आरोपो के तहत हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने कहा है कि घटनाक्रम का पता लगाने और घटना से जुड़े हालातों की जांच करने के लिए विस्तृत जांच चल रही है।
Karnataka Sexual Assault: ऐसी घटनाएं राज्य या समाज के बारे में अच्छा संदेश नहीं देतीं

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, “मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि घटना के बाद इसे दबाने के प्रयास किए गए। लेकिन पुलिस को सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत कार्रवाई की और विस्तृत जानकारी जुटाई।”
उन्होंने कहा, तदनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। होमस्टे चलाने वाले सभी लोगों के पास उचित लाइसेस होना चाहिए। हमने होमस्टे संचालन के लिए आवश्यक मानक परिचालन (एसओपी) निर्धारित कर दिए है। अगर इन नियमों का उल्लंघन करते हुए ऐसी घटनाएं होती है, तो कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसी घटनाएं राज्य या समाज के बारे में अच्छा संदेश नहीं देतीं। खासकर जब इसमे बाहरी या विदेशी लोग शामिल होते है. तो इसका हमारे समाज और हमारे देश पर बुरा असर पड़ता है। इसीलिए सख्त कार्रवाई जरूरी है, और हम वह कर रहे है।”























